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विश्वेन्द्र सिंह ने यूं गुर्जरों वार्ता के दौरान दिखाए आत्मीय संबंध

विश्वेन्द्र सिंह ने यूं गुर्जरों वार्ता के दौरान दिखाए आत्मीय संबंध
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ट्रेक पर वार्ता के दौरान विश्वेन्द्र को आशीर्वाद देते बैंसला।

ट्रेक पर वार्ता के दौरान विश्वेन्द्र को आशीर्वाद देते बैंसला।

ठठ्ठो करबै आयो हूं...
सवाईमाधोपुर . पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने आंदोलनकारियों से मजाकिया अंदाज में बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि आप लोग यहां पर परेशान हो रहे हैं। ऐसे में आपको हंसाने के लिए ठ_ो करबे आयों हू। उन्होंने एक ठट्टा सुनाते हुए कहा कि एक बार खानवा का युद्ध बाबर एवं राणा सांगा के बीच हुआ था। उनको बैंसला ने बताया था कि हमने रात को बाबर के ऊंट गायब कर लिए थे। उन्होंने कहा कि आप तो वे शक्ति हो, जो कि आपने बाबर जैसे शंहशाह के ऊंट गायब कर सको।


सरकार तो वैसे डर रही है...
विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि आपकी शक्ति को देखकर तो सरकार वैसे ही डर रही है। आप आरक्षण की चिंता मत करो। मैं सरकार में हूं और मैं चाहता हूं कि आरक्षण पुख्ता तरीके से मिले। इसके लिए मैं प्रयास कर रहा हूं।


माइक ही फटीचर तो मैं का करूं...
विश्वेन्द्र सिंह जब माइक पर संबोधन देने लगे तो उसमें आवाज ठीक नहीं आई तो लोगों उन्हें तेज बोलने के लिए टोका। इस पर सिंह बोले कि या से तेज ना बोल सकूं। ई माइक ही फटीचर है तो मैं का करूं। रास्ता मं मिल ग्यौ ई माइक, मैं उठा लायौ।


कर्नल से पैसे लेबे को हकदार
माइक में आवाज की बात पर बैंसला बोले कि महाराज एवं मंत्री एक साथ हैं, आप ले आओ। इस पर विश्वेन्द्र सिंह बोले कि कर्नल साब मैं आपसे पैसे लेबे को हकदार हूं। ल्याओ आप पैसे दो मैं माइक लाता हूं।


खटाना में ब्याहायो हूं...या मारे तो मात खा रहे
विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि गुर्जरों को आत्मीय रूप से जोडऩे की कोशिश भी की। उन्होंने कहा कि मैं खटाना में ब्याहायो हूं। इस पर बैंसला बोले या मारे तो मात खा ग्या। वहीं कुछ और लोग बीच में बोले कि बुआजी की वजह से ही मात खा रहे हैं। इस पर विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि मैं हर आंदोलन में गुर्जरों के साथ रहा हूं। अब भी साथ हूं। पूर्ववर्ती सरकार में आंदोलन के दौरान गुर्जर समाज के नौ एमएलए थे। विधानसभा में मेरी पत्नी का एक मात्र इस्तीफा था।


विश्वेन्द्र...हमारे लाडले जमाई
गुर्जर नेता कर्नल बैंसला ने अपने संबोधन की शुरुआत में विश्वेन्द्र सिंह को लाडले जमाई कहकर संबोधित किया। वहीं एक-दूसरे को बैंसला उनको तू कहकर संबोधित कर अपनत्व दिखाते नजर आए।


मैं हटने की कहने नहीं...मामले सुलटाने आयौ हूं
सिंह के संबोधन के दौरान गुर्जर समाज के लोगों ने कहा कि आप चाहे जो भी कहें, लेकिन हमें यहां से हटने वाले नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि मैं यहां पर किसी को हटने की कहने नहीं आया हूं। मैं तो सिर्फ मामले को सुलटाने आया हूं। ताकि आप लोग भी खेती बाड़ी संभाल सको व काम धंधे पर लग जाओ।


तू कौनसा कम है...
बैंसला ने विश्वेन्द्र सिंह की बातों को जवाब दिया कि त बाबा की मैं बाबा की, दोनों बहन बराबर की कहकर इशारा किया कि दोनों ही आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं। बैंसला कहा कि ऐसे में तू कौनसा कम है।


आईएएस पवन बोले...
आईएएस अधिकारी पीसी पवन ने कहा कि सरकार गुर्जरों की मांगों को पूरा करने की दिशा में पुख्ता काम कर रही है। ताकि पिछली बार की तरह आरक्षण पर कोई कानूनी अड़चन नहीं आए।

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