
पानी रो बरसा दे म्हारा राम रे...सबकी की बस एक ही प्रार्थना
सवाईमाधोपुर . गांव से लेकर शहर तक। गली से लेकर चौराहे तक। लोगों की जुबां पर बस एक ही चर्चा है। कब आएगी बारिश। अब तक सब्र टूटता जा रहा है। अब तो बारिश को लेकर प्रार्थना एवं दुआ भी की जा रही है। जून माह में मानसून पूर्व व मानसून की अच्छी बारिश हो गई थी। जून के अंतिम सप्ताह में तो अच्छी बारिश से लग रहा था कि सारे बांध, जलाशय लबालब हो जाएंगे।
लेकिन 30 जून से मौसम ने रंग बदल लिया। आषाढ में जेठ जैसी गर्मी पड़ रही है। जल संकट से जूझ रहे लोगों के लिए सूखे का दर्द बढ़ता जा रहा है। अब तक जो लोग टैंकर से सप्लाई कर आजीविका जुटा रहे हैं, वे भी कहने लगे हैं कि अब तो अच्छी बारिश हो जाए। लोगों को जल संकट से जूझते देखा नहीं जाता।
झूठ की बारिश: सोशल मीडिया पर ये जुमला खासा चर्चा में है। इसमें लिखा जा रहा है कि मौसम विभाग की चेतावनी अब झूठ की बारिश होगी।
जून में 137 एमएम बारिश: 30 जून तक जिला मुख्यालय पर कुल 137 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी थी। लेकिन जुलाई के बीते दस दिनों में सिर्फ बूंदाबांदी ही हुई है।
मंगलवार को भी शाम करीब साढ़े पांच बजे रिमझिम बारिश हुई, लेकिन चंद मिनट बाद बंद हुई। बीज झुलसे: जून में अच्छी बारिश देख किसानों ने बुवाई कर दी थी, लेकिन दस दिनों से लगातार तापमान बढ़ रहा है। तेज गर्मी से बोए बीज झुलस गए हैं। दुबारा बुवाई की नौबत आ गई है।
बारिश नहीं होने से किसान चिंतित
पीपलदा. कस्बे सहित क्षेत्र में बारिश नहीं होने से किसान चिंतित है। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व बारिश हुई थी। इस दौरान किसानों ने खरीफ की फसल बुवाई में बाजरा, उड़द, मूंग, मूंगफली, मक्का आदि की बुवाई कर दी। फसल खेतों में अंकुरित भी होने लगी, लेकिन बारिश नहीं होने से मुर्झाने लगी है।
Published on:
11 Jul 2018 11:34 am
