बिना कम्प्यूटर व इंटरनेट के नहीं मिल सकेगी गोशाला को राशि

बिना कम्प्यूटर व इंटरनेट के नहीं मिल सकेगी गोशाला को राशि,पशुपालन विभाग निदेशक ने जारी किए आदेश, जिले में पंजीकृत है 20 गोशालाएं

 

 

By: Vijay Kumar Joliya

Published: 30 Dec 2018, 06:00 AM IST

सवाईमाधोपुर. जिले में संचालित गोशालाओं को द्वितीय चरण की सहायता राशि लेने के लिए कम्प्यूटर व इंटरनेट की सुविधा रखनी होगी। कम्प्यूटर व इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित गोशाला के द्वितीय चरण की सहायता राशि खाते में जमा नहीं हो सकेगी।

इस संबंध में गत दिनों निदेशालय पशुपालन जयपुर के निदेशक ने पशुपालन विभाग के सभी जिला संयुक्त निदेशकों व उप निदेशकों को आदेश जारी कर दिया है। राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में सभी गोशालाओं में कम्प्यूटर व इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। इससे द्वितीय चरण की सहायता राशि का भुगतान गोशालाओं के बैंक खाते में ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से हो सकेगा।

ये मिली प्रथम चरण की राशि
पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में चार बड़ी गोशाला को 36 लाख 56 हजार 750 रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई है। इसी प्रकार सौ से ज्यादा व दो सौ से कम गोवंश वाली पांच गोशालाओं को एक-एक लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है।

इसलिए किया जरूरी
जानकारी के अनुसार अधिकतर गोशालाओं के पास निदेशालय की ओर से जारी निर्देश, परिपत्र व सूचनाएं उपलब्ध नहीं होती है। इसके अभाव गोशालाओं के संचालकों को परेशानी होती है। इससे सभी गोशालाओं से निदेशालय का सीधा संवाद स्थापित हो सकेगा। ऐसे में संचालकों को सूचना एवं प्रौद्योगिकी की आधुनिक प्रणाली को अपनाते हुए डाटा का संधारण कम्प्यूटर व सॉफ्टवेयर के माध्यम से करना होगा।

छोटी गोशालाओं में बढ़ेगा आर्थिक भार
सवाईमाधोपुर जिले में 20 पंजीकृत गोशाला संचालित है। इनमें कुछ गोशालाएं छोटी है, जिसमें गोवंश कम पल रहे है। इसके अलावा बड़ी गोशालाएं भी है। हालांकि छोटी व बड़ी गोशालाओं में कम्प्यूटर व इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। छोटी गोशालाओं में सहायता राशि प्राप्त करने में दिक्कत होगी। कम्प्यूटर व इंटरनेट की सुविधा लेने पर भी संचालकों को इसके लिए अलग से कम्प्यूटर ऑपरेटर भी रखना पड़ेगा। ऐसे में छोटी गोशाला पर आर्थिक भार बढऩे की संभावना है।

ये भी होंगे ऑनलाइन
निदेशालय गोपालन से सभी गोशालाओं के आवेदन पत्र, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां आदि भी ऑनलाइन की जाएगी। निदेशालय गोपालन निदेशक ने पशुपालन विभाग के सभी जिला संयुक्त निदेशकों व उपनिदेशकों को शीघ्र गोशाला प्रबंधन की ओर से गोशालाओं में कम्प्यूटर व इंटरनेट की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं।

  • जिले में संचालित गोशालाओं को दूसरे चरण की सहायता राशि लेने के लिए कम्प्यूटर व इंटरनेट की सुविधा रखनी होगी। इसकी सहायता से ही राशि खाते में जमा नहीं होगी।
    डॉ. ज्योति गुप्ता, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग सवाईमाधोपुरे
Vijay Kumar Joliya
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