20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Dart Mission: नासा ने खास मिशन के लिए अंतरिक्ष भेजा स्पेसक्राफ्ट, धरती को बचाना है मकसद

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने धरती को बचाने के एक स्पेसक्राफ्ट लॉन्च किया है। यह मिशन उन विशाल उल्कापिंडों को धरती पर आने से रोका जा सकेगा, जो यहां जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं।

2 min read
Google source verification
dart mission nasa launch a spacecraft to save the earth

dart mission nasa launch a spacecraft to save the earth

नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने धरती को बचाने के मकसद से एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, नासा ने अंतरिक्ष के लिए एक स्पेसक्राफ्ट लॉन्च किया है। जानकारी के मुताबित यह स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में मौजूद उल्कापिंड से जाकर टकराएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि धरती को बचाने की दिशा में यह बेहद अहम मिशन है। अगर नासा का ये मिशन सफल रहा तो भविष्य में उन विशाल उल्कापिंडों को धरती पर आने से रोका जा सकेगा, जो यहां जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं।

क्या है नासा का DART Mission
बता दें कि इस मिशन के लिए नासा ने बुधवार को एक खास स्पेसक्राफ्ट लॉन्च किया है।नासा ने इस मिशन को DART Mission नाम दिया है, वहीं इस मिशन में इस्तेमाल किए गए स्पेसक्राफ्ट का नाम डीएआरटी स्‍पेसक्राफ्ट (DART Spacecraft) है। आज 11 बजकर 51 मिनट पर अंतरिक्ष यान की लॉन्च विंडो ओपन की गई। फिर मौसम और तकनीकी परिस्थितियों को देखते हुए मिशन लॉन्च कर दिया गया।

डीएआरटी स्‍पेसक्राफ्ट की खासियत
इस स्पेसक्राफ्ट को अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च किया गया है। यह अंतरिक्ष विमान स्‍पेस में मौजूद डिमॉरफस नामक छोटे चांद से सीधे टकराएगा। मिली जानकारी के अनुसार नासा का डीएआरटी स्‍पेसक्राफ्ट डिमॉरफस से 6.6 किलोमीटर प्रति सेकंड या 24 हजार किमी प्रति घंटे की रफ्तार से टकराएगा। उम्मीद है कि दोनों में यह टक्‍कर 26 सितंबर 2022 से लेकर 1 अक्‍टूबर 2022 के बीच हो सकती है।

यह भी पढ़ें: भारत के सामने नया खतरा, साल दर साल बढ़ रहा समुद्र का जलस्तर

इस संबंध में जानकारी देते हुए नासा के शीर्ष वैज्ञानिक थॉमस जुबरकन ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 330 मिलियन डॉलर का है। इसमें हम सीखने की कोशिश कर रहे हैं कि किसी खतरे को कैसे दूर किया जाए। उन्होंने बताया कि डिमोर्फोस लगभग 525 फीट चौड़ा है, जो डिडिमोस नामक एक बहुत बड़े उल्कापिंड का चक्कर लगा रहा है। इन दोनों ही उल्कापिंडों से हमारे ग्रह को कोई खतरा नहीं है।