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इन जगहों पर रहने वालों की लंबी होती है उम्र, जानिए क्या कहती है स्टडी

हर कोई लंबी जिंदगी जीना चाहता है। इसके लिए लोग कई तरह की जीवनशैली अपनाते है। हाल ही में एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कहा रहने वाले लोग ज्यादा जीते है।

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आमतौर पर कहा जाता है कि प्रकृति से घिरे रहने वाले लोग ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। एक शोध में वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे कि प्रकृति और खासकर हरियाली के करीब रहने वाले लोगों की न केवल प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है, बल्कि उनका दिल और मानसिक स्वास्थ भी बेहतर रहता है। इससे उनकी जैविक उम्र बढऩे की प्रक्रिया धीमी होती है। नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी के सामाजिक पारिस्थितिकी विज्ञानी एरोन हिप के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ने हरियाली वाले स्थानों पर रहने वाले 7827 लोगों के कोशिकीय स्तर का अध्ययन किया।


हरी-भरी जगह रहने वालों की लंबी होती है उम्र

शोधकर्ताओं ने पाया कि बाग-बगीचों, पेड़ों और अन्य वनस्पतियों से भरपूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के टेलोमेर लंबे थे। टेलोमेर डीएनएन अनुक्रम में दीर्घायु से जुड़ा क्षेत्र हैं। टेलोमेर हमारे 46 गुणसूत्रों में से प्रत्येक के सिरों पर पाए जाने वाले डीएनए के दोहराव वाले खंड हैं, जो जूते के फीतों के प्लास्टिक सिरों की तरह आनुवांशिक अणु को खुलने से रोकते हैं।

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रिसर्च में हुआ खुलासा

एरोन हिप ने बताया कि हरियाली वाले क्षेत्रों में आर्थिक विषमता या आदतों में अंतर के बावजूद टेलोमेर का स्तर समान पाया गया। अध्ययन में पाया गया कि हरियाली किसी व्यक्ति की जैविक आयु को 2.2 से 2.6 वर्ष तक पीछे कर सकती है।

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