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ब्रिटिश रिक्रूटमेंट एजेंसी ने हाल ही में एक रिसर्च किया है। इसके मुताबिक, अन्य छात्रों की तुलना में इंजीनियरिंग करने वाले छात्र ज्यादा अरबपति बनते हैं। Forbes की लिस्ट में मौजूद 100 सबसे अमीर लोगों से ये सवाल किया गया कि उन्होंने क्या पढ़ाई की और पहली जॉब से उन्हें कितना फायदा पहुंचा। नतीजे में पाया गया कि ज्यादातर लोगों के पास उच्च शिक्षा थी और इनमें से 30त्न लोगों ने इंजीनियरिंग की डिग्री ले रखी थी।
गन्ना तनाव कम कर बढ़ाता है नींद : शोध
टोक्यो। उन लोगों के लिए एक अच्छी खबर है, जिनकी तनाव के कारण नींद पूरी नहीं हो पाती। भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने पाया कि गन्ने और अन्य प्राकृतिक उत्पादों में पाए जाने वाला एक सक्रिय तत्व तनाव को खत्म कर नींद बढ़ा देता है। शोध में पाया गया कि वर्तमान में उपलब्ध नींद की गोलियां तनाव पर कोई असर नहीं करतीं और उनके काफी दुष्प्रभाव भी होते हैं।
महेश कौशिक और जापान के त्सुकूबा विश्वविद्यालय के योशिहिरो उरादे के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने पाया कि ऑक्टाकोसोनॉल तनाव को कम कर देता है और नींद को वापस सामान्य स्तर पर ले आता है।
यह यौगिक पदार्थ विभिन्न दैनिक खाद्य पदार्थों, जैसे कि गन्ना, चावल की भूसी, गेहूं के बीज का तेल, मधुमक्खी मोम आदि में प्रचुर मात्रा में मौजूद है। पत्रिका Scientific reports में प्रकाशित शोध के मुताबिक, खून के प्लाज्मा में कोर्टिकोस्टेरोन का स्तर बढऩे से मानव में तनाव बढ़ता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऑक्टाकोसैनल एक यौगिक पदार्थ है, जो गन्ने के रसमेंपाया जाता है। यह तनाव के कारण अनिंद्रा के उपचार के लिए उपयोगी हो सकता है।
डॉक्टरों को शरीर के अंदर देखने में मदद करेगा नया कैमरा
लंदन। ब्रिटेन में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे कैमरे को विकसित किया है जिसके जरिए डॉक्टर इंसानी शरीर के अंदर देख सकते हैं। बायोमेडिकल ऑप्टिक्स एक्सप्रेस के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, डॉक्टरों के चिकित्सा उपकरणों को ट्रैक करने में मदद करने के लिए बनाए गए इस डिवाइस को एंडोस्कोप नाम से जाना जाता है जो कि आंतरिक स्थितियों की जांच करने के लिए उपयोग किया जाएगा, यह नया डिवाइस शरीर के अंदर प्रकाश के स्रोतों का पता लगा स्कता है।
स्कॉटलैंड में एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केव धालीवाल ने कहा, यह एक बेहतर तकनीक है जो हमें मानव शरीर के अंदर देखने की अनुमति देती है। इसमें विभिन्न अनुप्रयोगों को करने के लिए विशाल क्षमता है।
धलीवाल ने कहा कि एक्स-रे या अन्य महंगी विधियों का उपयोग किए बिना या फिर इसे बिना गाइड किए ट्रैक कर पाना संभव ही नहीं है कि एन्डोस्कोप शरीर में किस जगह स्थित है। रोशनी को एंडोस्कोप के जरिए शरीर से गुजारा जाता है, लेकिन यह आमतौर पर सीधे जाने के बजाय ऊतक और अंगों से टकराते हुए या उनके ऊपर से कूदते हुए निकल जाती है।
इससे एन्डोस्कोप कहां है इसका स्पष्ट चित्र नहीं मिल पाता है। नए कैमरे में उन्नत तकनीक का फायदा उठाया गया है जिसके जरिए प्रकाश के अलग-अलग कणों का पता लगाया जा सकता है, जिसे फोटोन कहा जाता है। यह तकनीक इतनी संवेदनशील है कि यह प्रकाश के छोटे निशान का भी पता लगा सकती है जो शरीर के ऊतकों के माध्यम से एंडोस्कोप से गुजरती है। अध्ययन में पता चला है कि प्रारंभिक परीक्षणों में प्रोटोटाइप डिवाइस सामान्य प्रकाश की स्थिति में ऊतक के 20 सेंटीमीटर के माध्यम से बिंदु प्रकाश स्रोत के स्थान को ट्रैक कर सकता है।
Published on:
27 Sept 2017 09:51 pm
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