
इस साल चेन्नई ने की 'साइंस एट द सभा' की मेजबानी, डाली न सब पहलुओं पर रोशनी
नई दिल्ली। द इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिकल साइंसेज द्वारा आयोजित 'साइंस एट द सभा' का चौथा संस्करण यहां 24 फरवरी को संपन्न हो गया। एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी। यह कार्यक्रम संस्थान की आम आदमी तक पहुंच बनाने की कोशिश का हिस्सा है। आम लोगों के लिए अपने आउटरीच कार्यक्रम के हिस्से के रूप में द इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिकल साइंसेज (IMSc) की एक टीम ने विज्ञान वार्ता आयोजित की जिसमें 13 सूचनात्मक पैनल प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी में सी वी रमन और सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर ने एजुकेशनल जर्नी पर भी प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम में मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की संध्या कौशिक द्वारा 'ट्रैफिक रुल्स इन न्यूरोन', बेंगलुरू स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के विजय शिनॉय द्वारा 'अनट्विस्टिंग द ट्विस्टेड मैटर', बेंगलुरू स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की हरिनी नागेंद्रा द्वारा 'थिंकिंग इकोलॉजिक्ली अबाउट ऑअर अर्बन फ्यूचर' और चेन्नई स्थित द इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिकल साइंसेज के सिताभरा सिन्हा द्वारा 'द 'होल' इज मोर दैन द सम ऑफ इट्स पार्ट' जैसे विषयों पर बातचीत की गई। 'साइंस एट सभा' शाम चार बजे से साढ़े सात बजे के बीच यहां द म्यूजिक एकेडमी में आयोजित किया गया।
Published on:
25 Feb 2019 09:55 am
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