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हाथों में बर्बाद फसल लेकर किसान पहुंचे कलेक्ट्रेट

कम बारिश और तेज उमस के कारण बर्बाद हुई किसानों की फसलें, कलेक्टर से की सर्वे की मांग..

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सीहोर. मध्यप्रदेश में बारिश की बेरूखी के कारण कई जगहों पर किसानों की फसलें खराब हो गई हैं। काफी दिनों तक प्रदेश से बादलों के रूठे होने के कारण सिहोर जिले में भी किसानों की सोयाबीन और दूसरी फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों ने खराब फसलों के सर्वे की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे किसान अपने साथ खराब सोयाबीन की फसल के पौधे लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।

पहले मौसम और अब कीटों का हमला
सीहोर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि विगत दिनों अल्प बारिश और तेज धूप के कारण शहर सहित आस-पास के अधिकांश किसानों की फसल बांझ हो गई है, इसके अलावा सोयाबीन की फसलों में कीट व्याधि व रोगों का खतरा बढ़ गया है। जिससे अधिकांश खेतों में अफलन की स्थिति निर्मित हो गई है। हाथों में अपनी बर्बाद हुई फसलों को लिए किसानों ने आगे कहा कि पहले पानी की लम्बी खेंच और फिर सोयाबीन फसल में फूल आने से फली बनने तक लगातार अधिक बारिश के कारण अफलन की स्थिति निर्मित हुई है। इसके सर्वे और मुआवजे की मांग को लेकर, फसल मुरझाने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही हैं। किसान हैरान परेशान हैं। धबोटी के वरिष्ठ किसान और सिंधी समाज के अध्यक्ष रमेश आहुजा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने तहसील कार्यालय और कलेक्ट्रेट में किसानों ने ये प्रदर्शन किया।

ज्ञापन देने वालों में पृथ्वी सिंह वर्मा,बृज राय, जगदीश पटेल, रमेश वर्मा, सीताराम वर्मा, ज्ञान सिंह वर्मा, गौरव आहुजा, शशी आहुजा, अनिता आहुजा, रामकुअर वर्मा, राधेश्याम विश्वकर्मा, रामकिशन वर्मा आदि शामिल थे। बता दें कि सीहोर जिले में काफी बड़े रकबे में सोयाबीन की खेती किसान करते हैं और किसानों ने जून के आखिरी और जुलाई के शुरुआती हफ्तों में सोयाबीन की फसल बो दी थी लेकिन बारिश न होने से फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई थीं और अब जब बारिश हुई है तो भी फसलों को नुकसान हुआ है।