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MP में 3261 करोड़ में बन रही रेल लाइन, मुंबई तक की दूरी होगी कम

P News: एमपी में निर्माणधीन 342 किलोमीटर लंबी जबलपुर-इंदौर रेल लाइन के जमीन अधिग्रहण के बाद कम मुआवजा मिलने से दुःखी किसान परिवार ने मांगी इच्छा मृत्यु की मांग की है।

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सीहोर

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Akash Dewani

Dec 13, 2025

Jabalpur-Indore railway line construction land acquisition farmer family euthanasia mp news

farmer family demands euthanasia due to low compensation (फोटो- FREEPIK)

Railway line construction: मध्य प्रदेश में जबलपुर से इंदौर तक बनने वाली 342 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना का काम चल रहा है। इसी बीच सीहोर जिले की रेहटी तहसील के एक परिवार ने राज्यपाल को आवेदन देकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।

पीड़ित परिवार इसी परियोजना के अंतर्गत ही बन रही इंदौर-बुदनी नई रेल लाइन (Indore-Budni railway line) के लिए जमीन अधिग्रहण (land acquisition) को लेकर परेशान है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी 10.50 एकड़ जमीन का बाजार मूल्य 65 लाख रुपए प्रति एकड़ है और रेलवे ने उन्हें महज 8 लाख 62 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया है। (MP News)

राज्यपाल को दिए आवेदन में मांगी इच्छा मृत्यु

राज्यपाल को दिए गए आवेदन में इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले परिवार के 20 सदस्यों के नाम लिखे है। महिला और 3 से 4 साल के बच्चों के नाम भी आवेदन में लिखे है। रेहटी के मकोडिया निवासी पीड़ित किसान शिवनारायण और देवचरण चंद्रवंशी ने बताया कि उनकी 5.25 एकड़ जमीन खसरा नंबर 12/2/2,12/3, पक्का मकान, ट्यूबवेल ग्राम मोगरा में स्थिति हैं।

राजस्व रेकॉर्ड में यह जमीन शिवनारायण चंद्रवंशी पिता विजय सिंह के नाम से दर्ज है। इसी प्रकार 5.25 एकड़ जमीन खसरा नंबर 12/1,12/2/1, पक्का मकान, ट्यूबवेल देवचरण चंद्रवंशी पिता विजय सिंह के नाम से राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। किसानों की जमीन रेलवे लाइन के लिए रेलवे द्वारा अधिग्रहित की गई है।

कम मुआवजा राशि देने का लगाया आरोप

इस जमीन की मुआवजा राशि प्रति एकड़ 8 लाख 62 हजार रुपए दी गई है, जबकि जमीन का बाजार मूल्य 65 लाख रुपए प्रति एकड़ है। मुआवजा राशि से एक एकड़ जमीन भी नहीं खरीद पा रहे हैं। खेती ही उनकी आजीविका का एक साधन थी, जो रेलवे ने छींन लिया, अब उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। किसान परिवार ने रेलवे से मांग की है कि उन्हें जमीन के बदले जमीन दी जाए। जमीन उपजाऊ अरौर प्रधानमंत्री सड़क से लगी होनी चाहिए।

यदि जमीन नहीं दी जा सकती तो मुआवजा राशि बाजार मूल्य के बराबर दी जाए, जिससे हम दूसरी जमीन खरीद सकें। इसके अलावा परिवार से दो सदस्यों को रेलवे में नौकरी दी जाए या परिवार के अवस्यको की देखभाल, पढ़ाई, लिखाई एवं उनके भरण-पोषण की जीवनभर की व्यवस्थाकी जाए। खेत में बने पक्के मकान के बदले मकान बनाकर दिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी मांग पूरी की जाए या फिर सभी परिवारजन को इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए।

205 किमी लंबी है नई रेल लाइन

जबलपुर से इंदौर (वाया गाडरवारा और बुदनी) तक बनने वाली 342 किलोमीटर लंबी रेल लाइन परियोजना (Jabalpur-Indore rail line) का काम चल रहा है। मांगलियागांव इंदौर और बुदनी के बीच 205 किलोमीटर नई रेल लाइन (Indore-Budni railway line) के लिए 3261.82 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

मार्च-2024 तक इस परियोजना के लिए 948.37 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं और वर्ष 2024-25 के लिए इस परियोजना के लिए 1107.25 करोड़ रुपए का परिव्यय आवंटित किया गया है। इस परियोजना से इंदौर से मुंबई और दक्षिण भारत के यात्रा समय में कमी आएगी। भोपाल और इटारसी के व्यस्त मार्ग घाट सेक्शन बुदनी से बरखेड़ा को बायपास कर बुदनी को इंदौर से सीधे जोड़ा जाएगा। (MP News)

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