
अब पशुओं के भी बन रहे आधार कार्ड, 40 हजार के बने
सीहोर/बरखेड़ी। सरकार ने सबसे पहले नागरिकों का आधार बनवाया और सभी को इंटरनेट से जोड़ दिया। पर, अब जानवरों का भी आधार बनवाना शुरू कर दिया है। जिस मवेशी के इयर टैग लग जाएगा मानों उसका आधार बन गया। जिससे उन्हें पहचानना आसान होगा। इससे पशुओं की तस्करी पर भी काफी हद तक लगाम लग जाएगी। जिले में पिछले करीब एक माह से दुधारू पशुओं के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। अभी तक करीब 40 हजार दुधारू पशुओं के आधार बन चुके हैं।
सबसे पहले दुधारू पशुओं की गणना करके आधार बनाए जा रहे हैं। इन दुधारू पशुओं में मात्र गाय और भैंस ही शामिल है। जबकी अन्य जानवरों को अभी शामिल नहीं किया गया है। आमतौर पर किसान की आय का दूसरा सबसे बड़ा साधन दुधारू जानवर है। जिससे किसान और पशु पालक की रोजी रोटी चलती है। जिसके लिए सरकार भी विशेष ध्यान दे रही है जिस कारण उसका आधार सबसे पहले बनवा रही है।
जिले में करीब डेढ़ लाख दुधारू पशुओं के बनेंगे आधार
पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार जिले के एक लाख ४४ हजार दुधारू जानवरों को टैग लगाने का काम पिछले एक माह से किया गया है। जो दुधारू गाय और भैसों को 12 अंकों का विशिष्ट पहचान संख्या दी जा रही है। अभी तक जिले में करीब ४० हजार दुधारू मवेशियों को आधार नंबर देने का काम हो चुका है। चिकित्सकों का मानना है कि इस कार्यक्रम से मवेशियों में वैज्ञानिक विधि से प्रजनन को बढ़ावा देना,मवेशियों में आए दिन पैदा हो रहे रोग पर नियंत्रण करना, साथ ही दुग्ध उत्पादन को बढ़वा देने का मुख्य उद्देश्य है।
दुधारू पशुओं के आधार बनने का काम पिछले एक माह से चल रहा है। जिले में अभी तक करीब ४० हजार दुधारू मवेशियों के आधार बनाए जा चुके हैं। आगे भी यह प्रकिया जारी है।
एनपीएस गंगवार, उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग
Published on:
02 Jun 2018 01:06 pm
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