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कुशल तैराक, फिर भी नहीं सका नदी पार, 18 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला शव

नदी में तेज उफान के चलते लोगों ने रस्सी के सहारे बाहर आने का आग्रह किया, खंभा पकड़ा, लेकिन बहाव उसे दूर ले गया

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सीहोर

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Sunil Sharma

Jul 19, 2018

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कुशल तैराक, फिर भी नहीं सका नदी पार, 18 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला शव

सीहोर। उफान भरी नदी को बाइक से पार करना एक युवक को उस समय महंगा पड़ा जब उसे बचाने की सारी कोशिश नाकाम रही। कुशल तैराक होने के बाद भी वह नदी पार नहीं कर सका। करीब 18 घंटें के बाद उसका शव निकाला जा सका। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच कार्य शुरु कर दिया है।

पुलिस के अनुसार रेहटी थाने के दीपाखेड़ी निवासी करणसिंह नागर का 40 वर्षीय पुत्र विष्णु अपने दो रिश्तेदारों के साथ मंगलवार की शाम को तैयार होकर भोजन करने के बाद निकला था। तब किसी को कल्पना भी नहीं थी तैयार होकर जा रहा विष्णु अब कभी जीवित नहीं लौटेगा। मंगलवार को रेहटी में सवा 4 इंच से अधिक बारिश होने के कारण नदी नाले उफान पर थे। बताया जाता है कि दीपाखेड़ी के ही नजदीक टिमरई नदी भी पूरे उफान पर थी, पानी काफी ऊपर से गुजर रहा था। इस पानी के बीच से बाइक निकालने का दुसाहस विष्णु को महंगा पड़ा और बहाव में बाइक का संतुलन बरकरार नहीं रख सका और बह गया।

कुशल तैराक होने के बाद भी मौत होते खींच ले गई
पुलिस की माने तो उसके साथ दो रिश्तेदार तो बच गए लेकिन यह डूबने की स्थिति में आ गया हालांकि विष्णु नागर श्रेष्ठ तैराक भी था उसने बाहर आने के कई प्रयास किए इस बीच उसके चाचा द्वारा रस्सी भी नदी में फेंकी गई जिसे पकड़ कर बाहर आने का भी आग्रह किया गया लेकिन तैराकी जानने के कारण उसने ऐसा नहीं किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किनारे आने के पहले उसने एक खंभा भी पकड़ लिया था।

तब ऐसा लगा कि शायद यह बाहर आ जाएगा लेकिन फिर अचानक बढ़े बहाव ने उसे दूर फेंक दिया और वो बह गया जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की मदद से उसे निकालने का प्रयास किया गया। करीब 18 घंटें के बाद उसका शव ही निकाला जा सका। ग्राम में इस घटनाक्रम से शोक का वातावरण निर्मित हो गया हर कोई काल के इस घटनाक्रम के आगे नतमस्तक था। कुशल तैराक होने के बाद भी उसका डूबकर मर जाना इस बात को साबित कर रहा था कि काल के आगे किसी का वश नहीं चलता। रेहटी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच कार्य शुरु कर दिया है।