
एक अक्षर भी गलत हुआ तो नहीं मिलेगा शिक्षा का अधिकार
सीहोर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में एडमिशन ऑनलाइन द्वारा किए जा रहे हैं। अब तक नि:शुल्क शिक्षा के लिए पांच हजार ९७६ आवेदन आ चुके हैं। इन अवेदनों में अगर एक अक्षर की गलती भी मिली तो बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। ३० जून के पहले गलती सुधारने दो दिन का ही समय पालकों को मिलेगा।
निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क प्रवेश की ऑनलाइन प्रक्रिया २३ जून तक निर्धारित की गई थी, लेकिन वंचित बच्चों को लेकर आठ दिन और बढ़ाते हुए इसे ३० जून तक कर दिया गया है। अब दो दिन का ही समय ऑनलाइन आवेदन के लिए बचा है। वही इन्ही दो दिनों में आवेदन भरते समय की गई गलती को सुधारने का भी मौका मिलेगा। अगर इस दौरान पंजीयन में हुई गलती को नहीं सुधारा गया तो बच्चे योजना के तहत नि:शुल्क प्रवेश के लिए वंचित हो सकते है।
बंद रहा पोर्टल परेशान होते रहे अभिभावक
आरटीई के तहत होने वाले ऑनलाइन आवेदन को लेकर ३० जून अंतिम तिथि घोषित की गई है। लेकिन गुरूवार को मेंटनेंस को लेकर पोर्टल बंद रहा। इसके कारण कई अभिभावक गलती सुधारने और आवेदन करने परेशान होते रहे। मंडी निवासी घनश्याम मालवीय ने बताया कि आवेदन करने एमपी ऑनलाइन पर गए थे, लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण आवेदन नहीं कर सके।
दो दिनों में करनी होगी गलती में सुधार
ऑनलाइन पोर्टल द्वारा अब तक पूरे जिले में पांच हजार ९७६ आवेदन जमा होना बताया गया है। नए आवेदन के साथ पूर्व में हुए पंजीयन को सुधारने ३० जून तक का समय दिया गया, अगर पंजीयन के दौरान एक अक्षर की गलती भी पाई गई तो आवेदन तक निरस्त हो सकता है।
आरटीई के तहत किए गए आवेदन में गलती सुधारने और पंजीयन की अंतिम तिथि ३० जून निर्धारित किया है। इसके बाद पांच जून को लाटरी के तहत पात्रों का चयन किया जाएगा।
वीके शर्मा, एपीसी जिला शिक्षा केन्द्र सीहोर
Published on:
28 Jun 2018 05:25 pm
