
तीन साल मच्छरों ने जमकर मारे डंक, अब याद आई मच्छरदानी देने की
सीहोर। मलेरिया, डेंगू का नाम आते ही पूरे प्रदेश में सीहोर जिला भी स्मृति में आ जाता है। पिछले तीन सालों में मच्छरों के डंक ने स्वास्थ्य विभाग को हिलाकर रख दिया। पिछले तीन सालों में जिले में मलेरिया के 1091 और डेंगू के 1955 मरीज मिले हैं। हालांकि इस साल अभी तक मलेरिया के 13 मरीज और डेंगू पीडि़त एक भी मरीज नहीं मिला है। इधर, बीमारी की रोकथाम के लिए सरकार अब जाकर मेडिकेटेड मच्छरदानी उपलब्ध कराने निर्णय ले पाई है। मलेरिया विभाग की माने तो जिले में मलेरिया और डेंगू से प्रभावित रहे गांवों और आसपास के क्षेत्रों में निवासरत लोगों को मच्छरदानी बांटी जाएगी। जिले में डेढ़ सौ गांवों के लोगों को 83 हजार मच्छरदानी बांटना प्रस्तावित किया गया है।
जिले के सेमरी, छिदगांव काछी, रलावती यह वह गांव है, जिनका नाम मुहं पर आते ही डेंगू से पीडि़त लोगों की पीड़ा भी याद दिला जाती है। वर्ष 2016 में छोटे से गांव सेमरी में डेंगू पीडि़त मरीजों की संख्या सौ को क्रास कर गई थी। इसी तरह छिदगांव काछी भी सेमरी की राह पर चल पड़ा था। पिछले साल रलावती गांव में भी डेंगू के डंक नेे स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी थी। मच्छरों के डंक ने पिछले तीन सालों में मलेरिया और डेंगू से पीडि़त होने के मामले में जिले को एक अलग ही नाम दिला दिया है।
पिछले तीन सालों की बात करें तो जिले में वर्ष 2015 में जिले में मलेरिया के 529 और डेंगू के सात मरीज मिले। इसी तरह वर्ष 2016 में मलेरिया के 420 और डेंगू के 162 मरीज तथा वर्ष 2017 में मलेरिया के 123 और डेंगू के 26 मरीज मिले हैं। इस साल अभी तक मच्छरों के मामले में जिला शांत रहा है और मलेरिया के महज 13 और डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है।
जब परेशान थे तब नहीं दी मच्छरदानी, अब देंगे
जब मच्छरों के डंक से पूरा जिला परेशान था। उस समय मच्छरों की रोकथाम के लिए सरकार ने समुचित ध्यान नहीं दिया। अब जाकर सरकार ने मच्छर प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकेटेड मच्छरदानी देने के प्रस्ताव की मंजूरी होने की बात बताई जा रही है। मलेरिया विभाग की माने तो जिले में पिछले तीन सालों में 147 गांव और क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू आदि मच्छर जनित बीमारियों से पीडि़त लोग मिले हैं। ऐसे क्षेत्रों में करीब 83 हजार 800 मेडिकेटेड मच्छरदानियां बांटी जाना प्रस्तावित किया गया है। वरिष्ठ कार्यालय को इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
इस तरह बंटना है मच्छरदानी
यदि घर में एक व्यक्ति है तो टाइप-०१ मच्छरदानी दी जाएगी। इसी तरह मां और एक छोटे बच्चे के लिए टाइप ०२ और टाइप तीन में दो से ज्यादा व्यक्ति को शामिल किया गया है। मलेरिया विभाग के अनुसार मलेरिया और डेंगू प्रभावित क्षेत्रों के अनुसार वर्ष २०१५ में ९६ गांव और क्षेत्र, वर्ष २०१६ में ३३ और वर्ष २०१७ में १८ गांव और क्षेत्रों को मलेरिया और डेंगू प्रभावित क्षेत्र होने के कारण चिन्हित किया गया है। इस तरह जिले के १४७ गांव और क्षेत्रों को मच्छरदानी देने के लिए प्रस्तावित किया गया है।
पांच साल तक रहेगी उपयोगी
मलेरिया विभाग की माने तो मेडिकेटेड मच्छरदानी नि:शुल्क बांटी जाएगी इनकी खासियत उसमें लेपित दवां होंगी। लेपित दवा भी २० धुलाई तक असरकारण होगी। यानि तीन से पांच साल तक इसका उपयोग किया जा सकेगा।
जिले में मेडिकेटेड मच्छरदानी का नि:शुल्क वितरण होना है। जिले में मलेरिया और डेंगू से प्रभावित क्षेत्रों और उनके आसपास के क्षेत्रों में मच्छरदानी देना प्रस्तावित किया है। जिले में ऐसे क्षेत्रों में करीब ८३ हजार ८०० मच्छरदानी बांटने प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। मच्छरदानी आने पर इसका वितरण होगा।
क्षमा बर्बे, जिला मलेरिया अधिकारी सीहोर
Published on:
26 Jun 2018 12:40 pm
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