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MP Election 2023 – 30 अक्टूबर की रात को बदलेगी भाजपा की टिकट! हाईकमान ने दिए संकेत

सीहोर में आष्टा विधानसभा सीट से घोषित भाजपा प्रत्याशी गोपाल सिंह का विरोध कर रहे भाजपा से ही टिकट के अन्य दावेदारों को उम्मीद है कि पार्टी हाईकमान अंतिम समय में यहां का टिकट बदल देगा। हालांकि ऐसे दावेदारों को गोपाल सिंह के पक्ष में मनाने के लिए संगठन एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। दो दिनों से लगातार आधी रात तक रूठों को मनाने के लिए बड़े नेता उनके घर पर दस्तक दे रहे हैं। डैमेज कंट्रोल के लिए उन्हें तमाम तरह के आश्वासन भी दिए जा रहे हैं।

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टिकट के अन्य दावेदारों को उम्मीद है कि पार्टी हाईकमान अंतिम समय में यहां का टिकट बदल देगा

सीहोर में आष्टा विधानसभा सीट से घोषित भाजपा प्रत्याशी गोपाल सिंह का विरोध कर रहे भाजपा से ही टिकट के अन्य दावेदारों को उम्मीद है कि पार्टी हाईकमान अंतिम समय में यहां का टिकट बदल देगा। हालांकि ऐसे दावेदारों को गोपाल सिंह के पक्ष में मनाने के लिए संगठन एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। दो दिनों से लगातार आधी रात तक रूठों को मनाने के लिए बड़े नेता उनके घर पर दस्तक दे रहे हैं। डैमेज कंट्रोल के लिए उन्हें तमाम तरह के आश्वासन भी दिए जा रहे हैं।

टिकट वितरण से नाराज भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष ललित नागौरी का दावा है कि 30 अक्टूबर तक टिकट में बदलाव होगा। भाजपा संगठन की तरफ से उन्हें कुछ ऐसे संकेत मिले हैं। संगठन ने यहां डैमेज कंट्रोल के लिए शाजापुर के सांसद महेंद्र सोलंकी को तैनात किया है।

सोलंकी 27 अक्टूबर की शाम को एक बार फिर पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष ललित नागौरी के घर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन नागौरी उम्मीदवार बदलवाने की बात पर अड़े हुए हैं। सांसद का नाराज नागौरी के घर सात दिन में दूसरी बार जाना हुआ है। इससे पहले 23 अक्टूबर को सांसद ने उन्हें मनाने की असफल कोशिश की थी।

आष्टा में इतिहास खुद को दोहराएगा?
बात विधानसभा चुनाव 2003 की है। भाजपा ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट आष्टा से पूर्व विधायक रंजीत सिंह गुणवान को उम्मीदवार घोषित किया। भाजपा के उम्मीदवार घोषित करते ही कार्यकर्ता और कुछ वरिष्ठ नेताओं ने विरोध शुरु कर दिया, उस समय जमीनी कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता रघुनाथ मालवीय के साथ थे। कार्यकर्ताओं ने एक तरफ पार्टी के घोषित उम्मीदवार रंजीत सिंह गुणवान के खिलाफ मोर्चा खोला, वहीं दूसरी तरफ रघुनाथ मालवीय से नाम निर्देशन पत्र जमा करवा दिया।

विधायक रघुनाथ मालवीय ने पत्रिका से चर्चा में बताया कि उस समय रंजीत सिंह गुणवान ने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार तक शुरु कर दिया था, लेकिन अंतिम समय पर भाजपा ने गुणवान का टिकट काटकर मुझे बी फार्म दे दिया। कार्यकर्ता चुनाव लड़े और अंत में भाजपा की जीत हुई। रघुनाथ मालवीय पहली बार विधानसभा सीट आष्टा से विधायक चुने गए। पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष ललित नागौरी का दावा है कि आष्टा में इतिहास खुद को दोहराएगा। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्हें इस तरह के संकेत संगठन की तरफ से मिले हैं।

बगाना ने जमा किया है नामांकन
गोपाल सिंह को टिकट देने से नाराज होकर यहां पर भाजपा के ही अन्य नेता कैलाश बगाना ने नामांकन दाखिल किया है। बगाना ने नामांकन तो दाखिल कर दिया है, लेकिन अभी वह निर्दलीय चुनाव लडऩे की बात खुलकर नहीं बोल रहे हैं। बगाना का कहना है कि वह भाजपा के टिकट पर ही चुनाव लड़ेगे। संघ और भाजपा के सर्वे पर उन्हें पूरा भरोसा है। उनका दावा है कि सर्वे में उनका नाम पहले नंबर पर था।

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