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यहां बैंक से पैसे निकालने किसानों को घंटों करना पड़ता है इंतजार

आगजनी की घटना के 25 दिन बाद भी नहीं सुधरे हालात एक दिन में लेनदेन के लिए 600 से ज्यादा किसान पहुंच रहे बैंक

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जिला सहकारी बैंक में पैसे निकालने वाले किसान लाइन में खड़े-खड़े थके तो जमीन पर ही बैठ गए।

सीहोर. किसानों की इतनी लंबी लाइन लगी है तो जरूर यह यूरिया लेने वाले किसानों की होगी, लेकिन ऐसा नही है। यह किसानों की लाइन जिला सहकारी बैंक रेहटी में पैसे निकालने वाले किसानों की है। जो बैंक में दीपावली की रात 7 नवंबर को आगजनी की घटना के बाद फैली अव्यवस्था से उपजी है। इस समय किसानों को पैसे की सख्त जरूरत है। ऐसे में वह पैसे निकालने सुबह सात बजे से ही बैंक के बाहर लाइन में खड़े रहकर अपनी बारी का घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।

इस समय बैंक में मूंग उड़द और अन्य जगह से पैसा जिला सहकारी बैंक के खाते में जमा है। यह पैसा निकालने के लिए किसानों को भारी मशक्कत करना पड़ रहा है। सुबह 7 बजे से बैंक के सामने किसानों की लंबी-लंबी कतारे देखी जा सकती है। इसका मुख्य कारण है कि आगजनी की घटना के बाद 12 दिन बैंक बंद रही। उसके बाद बैंक ने वैकल्पिक व्यवस्था कर एक अतिरिक्त कमरे में बैंक तो शुरू कर दी, लेकिन जो व्यवस्थाएं पहले मिलती थी वह व्यवस्थाएं बैंक स्टाफ को भी नहीं मिलने से बैंक का कामकाज प्रभावित हुआ है। जिसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिला सहकारी बैंक आगजनी की घटना के बाद यहां पर रखे कप्यूटर और अन्य उपकरण जलकर खाक हो गए। वहीं बैंक का दस्तावेज भी पूरी तरह से जल गया। ऐसे में जिला सहकारी बैंक का जिला मुख्यालय बैंक में कंप्यूटर खरीदने के लिए चुनाव आयोग से 24 दिन पहले परमिशन मांगी थी। जो अभी तक नही मिल सकी है। अगर चुनाव आयोग की परमिशन के भरोसे बैंक प्रबंधक रहता तो अभी बैंक चालू नहीं हो पाती। किसी तरह जिला मुख्यालय ने वैकल्पिक व्यवस्था कर जिले भर से एक एक पुराने कंप्यूटर बुलवाए गए, ताकी किसानों का काम नही रुक सके।

किसानों ने बताई पीड़ा
ग्राम चकल्दी से पैसा निकालने आए सीताराम ने बताया कि मैं तीन बार बैंक से चक्कर लगा हूं। यहां इतनी अधिक भी होती है कि लाइन में लगने की हिम्मत ही नही होती है। मुझे बैंक से 49 हजार रुपए निकालना है। मैं चौथी बार लाइन में लगा हूं। ग्राम काकरिया के किसान राजेश पंवार ने बताया कि मुझे 40 हजार रुपए निकालना है। मैं दो दिन से लाइन में लग रहा हूं और मेरा नंबर आता है उससे पहले बैंक में पैसा खत्म हो जाता है। बैंक एक दिन में एक करोड़ से अधिक किसानों को रुपए बांट रही है। जहां रोज 600 से अधिक किसान अपना पैसा निकालने आ रहे हैं।