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क्वालिटी इंस्पेक्शन टीम ने देखी अस्पताल की क्वालिटी, क्वालिटी जैसा कुछ नहीं आया नजर

क्वालिटी इंस्पेक्शन टीम ने देखी अस्पताल की क्वालिटी, क्वालिटी जैसा कुछ नहीं आया नजर
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सीहोर

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Deepesh Tiwari

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Updated: 15 May 2018, 12:51 PM IST

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सीहोर। जिला अस्पताल में क्वालिटी इंस्पेक्शन की टीम ने निरीक्षण किया। अस्पताल में क्वालिटी जैसा कुछ नजर नहीं आने पर काफी नाराजी व्यक्त की। इसके बाद बैठक में अधिकारियों निजी क्लीनिकों पर बुला कर इलाज करने को लेकर डाक्टरों को जमकर फटकार लगाई। अस्पताल में अच्छे काम करने वालों को प्रोत्साहित करने को लेकर भी निर्देश दिए। असपताल में अस्थाई वार्ड और सुरक्षा को लेकर होमगार्ड जवान भी तैनात होंगे।

जिला अस्पताल को आइएसओं प्रमाण पत्र देने कवायद की जा रही है। इसी के चलते आए दिन अधिकारियों का दौरा जारी है। भोपाल से आई क्वालिटी इंस्पेक्शन टीम ने सुबह १० निरीक्षण किया। टीम अधिकारी पंकज शुक्ला, विवेक मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने जिला अस्पताल के कोने-कोने का बारीकी से देखा। कुछ जगह छोड़कर अधिकतर जगह पर कमियां नजर आई। इसे लेकर उन्होंने काफी नाराजी व्यक्त की। वही व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के बाद जिला अस्पताल के अधिकारियों और स्टाफ के साथ क्वालिटी इंस्पेक्शन की टीम और कलेक्टर तरूण कुमार पिथोड़े ने बैठक ली। अस्पताल में हंगामें और विवाद को लेकर सुरक्षा बढ़ाई जाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ आठ होमगार्ड सैनिकों को अस्पताल में तैनात किया जाएगा। वही वार्डो में मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते अतिरिक्त पलंग लगाए जाएगें। कम बीमार मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा। जहां ड्रीप लगाने के बाद प्राथमिक उपचार देने के बाद तुरंत छुट्टी दे दी जाएगी।

डाक्टरों को फटकार, स्टाफ को मिली तारीफ
बैठक में अव्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर और टीम अधिकारियों ने डाक्टरों की जमकर क्लास ली। डॉक्टरों को हिदायत दी की सरकारी अस्पताल से अपने प्राइवेट क्लीनिकों पर ले जाकर लूटना बंद करे नहीं तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वही अधिकारियों ने कहा की स्टाफ नर्स अपनी जिम्मेदारी से काम कर रही है। जब भी निरीक्षण किया, हर समय काम करते हुए नजर आई। यह पहला मौका नहीं है कई बार डॉक्टरों की लापरवाही के चलते अधिकरियों ने जमकर फटकार लगाई हैं। इसके बावजूद न व्यवस्था सुधर रही न डॉक्टर।

लगे बोर्ड ताकी, पता चले स्थिति
बैठक में कलेक्टर निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में डाक्टर और स्टाफ के फोटो सहित बोर्ड लगाए जाए। बोर्ड पर किस डॉक्टर की डयूटी कब तक होगी, किस डॅाक्टर कितने आपरेशन किए है। यह भी दर्ज किया जाएगा। वही अच्छे काम करने वालों की जानकारी भी बोर्ड पर लगाई जाएगी। इससे अस्पताल के स्टाफ का हौंसला बढ़ेगा और अच्छे काम करने को लेकर प्रेरणा मिलेगी।