
शादी का झांसा देकर दुष्कृत्य करता रहा, गर्भवती होने पर करा दिया गर्भपात
सीहोर। 16 वर्षीय नाबालिग को शादी का झांसा देकर लगातार दुष्कृत्य करने तथा गर्भवती होने पर गर्भपात कराने वाले आरोपी को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ सात हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश अरुण कुमार सिंह ने सुनाया।
जिला अभियोजन अधिकारी निर्मला सिंह चौधरी के अनुसार मंडी थाना क्षेत्र इंद्रा कालोनी निवासी 16 वर्षीय नाबालिग की मां ने 18 जनवारी 2017 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह लुनिया चौराहा से मजदूरी कर लौटी तो उसकी बेटी घर पर नहीं थी। अपने स्तर पर घर, मोहल्ले और रिश्तेदारी में तलाश किया, लेकिन वह कही भी नहीं मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू कर दी थी।
जहां पुलिस ने 19 मार्च को श्यामपुर के कोरी मोहल्ला निवासी मुनव्वर अली पिता मेहरबान अली के कब्जे से किशोरी को भोपाल स्थित हाउसिंग बोर्ड के जयनगर से बरामद किया। पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि आरोपी जिला अस्पताल में मिला था। इसके बाद शादी का झांसा देकर पे्रमनगर कालोनी स्थित फैक्ट्री के पास पीडि़ता की मर्जी के बगैर बालात्कार किया। फिर 17 जनवरी 2017 को शादी करने का झांसा देकर ऑटो में बैठाकर इंदौर ले गया। इंदौर में दो माह रखकर भोपाल ले आया था। इस दौरान गर्भवती होने पर दवाई खिलाकर गर्भपात करा दिया। भोपाल से पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर बालिका को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय भेज दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला न्यायालय के विशेष न्यायधीश अरूण कुमार सिंह ने आरोपी मुनव्वर अली को धारा 363 में तीन वर्ष की सजा और 500 रूपए का अर्थदंड, धारा 366 के तहत पांच वर्ष की सजा और एक हजार का अर्थदंड, धारा 315 में पांच वर्ष की सजा और 500 रूपए का अर्थ दंड व 5/6 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ पांच हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
Published on:
25 May 2018 08:34 pm

