
सरकारी नियम से उलट शिवराज ने कहा- आप बजाओ ढोल-ताशे और बैंड, कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा, VIDEO
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है। वीडियो में शिवराज बैंड वालों से कहते दिख रहे हैं कि 'आप ढोल - ताशे और बैंड बजाओ कोई आपको रोकेगा तो मैं देख लूंगा।' बताया जा रहा है कि पूर्व सीएम ने ये बात अपनी विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता और समर्थकों के बीच कही है। आपको ध्यान करा दें कि मध्य प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पहले ही फैसले में ध्वनि कोलाहल अधिनियम के तहत प्रदेशभर में तेज आवाज में चलने वाले लाउडस्पीकर समेत अन्य संसाधनों का बजाना प्रतिबंधित किया है।
इसी बीच अब सरकार के सख्त आदेश के बीच पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का ये वीडियो सामने आया है, जिसमें वो ढोल-ताशे और बैंड वालों को ढील देते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामा शिवराज ने बैंड वालों से ये बात सीहोर के भैरुंदा में कही है। दरअसल, शिवराज शनिवार को अपनी विधानसभा में पहुंचे थे। यहां वो भैरुंदा नगर परिषद द्वारा आयोजित स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आयोजन के दौरान उन्होंने करीब 85 लाख की रोड स्वीपिंग मशीन और स्काई लिफ्ट मशीन को हरी झंडी दिखाई थी। कार्यक्रम के दौरान शिवराज के समर्थकों ने मंच पर उनका जोरदार स्वागत भी किया था।
शिवराज बोले- 'कोई रोक नहीं है'
वहीं, कार्यक्रम खत्म होने पर जब शिवराज वहां से जाने लगे, तभी बैंड-बाजे वाला एक समूह शिवराज के पास पहुंचा और एक ज्ञापन देकर मांग रखी कि सरकार के कोलाहल नियंत्रण नियम के तहत ढोल ताशे और डीजे बजाने पर रोक लग गई है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। इसपर शिवराज ने उनसे कहा कि 'आप बैंड बजाएं, आप ढोल बजाएं, आप ताशे बजाएं। कोई रोक नहीं है। कोई रोकेगा तो मैं देख लूंगा।' पूर्व सीएम के इस बयान के बाद बैंड-बाजा संचालकों में खुशी देखने को मिल रही है।
पहले भी लोग मामा से लगा चुके हैं गुहार
आपको बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं, जब प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार के फैसलों में राहत की आस लेकर लोग पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के पास पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि वायरल हो रहे इस घटनाक्रम से ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को भी उनकी विधानसभा के कुछ डीजे संचालक भोपाल के 74 बंगला स्थित 'मामा का घर' ज्ञापन लेकर पहुंचे थे। उन्होंने सरकार के प्रतिबंध से रोजी-रोटी छीनने की बात कही थी, जिसपर पूर्व सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया था कि उनके साथ कोई अन्याय नहीं होगा। उसी समय मामा से मिलने कुछ चिकन शॉप संचालक भी पहुंचे थे। उन्होंने भी शिवराज से कहा कि 'साहब हमें एकदम बंद कर दिया है, जिससे काम बुरी तरह से ठप्प हो गया है। जहां भी अनुमति के लिए जा रहे हैं, कोई नहीं सुन रहा।' इसपर भी शिवराज ने उन्हें बात करने का आश्वासन दिया था।
सीएम मोहन ने दिए थे प्रतिबंध के दोनों आदेश
आपको बता दें, मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री की कमान हाथ में लेने के बाद नए मुखिया डॉ. मोहन यादव अपनी पहली कैबिनेट में दो बड़े आदेश दिए थे। पहले आदेश के तहत खुले में मास-मछली बेचना प्रतिबंधित किया था। साथ ही तेज आवाज में लाउडस्पीकर, डीजे बजाने पर भी ध्वनि कोलाहल अधिनियम का पालन करने की सलाह दी थी। सरकारी गाइडलाइन के तहत 50 डेसीमल से अधिक आवाज़ को प्रदेशभर में प्रतिबंधित किया गया है। सीएम ने सख्त आदेश देते हुए कहा था कि तेज आवाज में बजाने वाले लाउडस्पीकर और डीजे संचालकों पर कार्रवाई होगी। इसके लिए सीएम ने 3 दिन की ढील भी दी थी, ताकि लोग आदेश पर अमल कर सकें। इसके बाद प्रदेशभर के मंदिरों, मस्जिदों समेत सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवा लिए गए थे।
Published on:
08 Jan 2024 05:52 pm

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