
सीहोर। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में अब महज सोमवार का दिन शेष बचा है, लेकिन खरीदी को लेकर अभी तैयारियां पूरी नहीं हो सकी है। दरअसल, इस साल गेहूं की उपज मंडी में काफी पहले से आना शुरु हो चुकी है। किसान आर्थिक संकट के चलते उपज तत्काल बेचना चाहते हैं, लेकिन प्रशासन के पास अभी भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस साल भी प्रशासन ने करीब साढ़े चार लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदी का लख्य रखा है, लेकिन वर्तमान में जिले में करीब 90 हजार मैट्रिक टन उपज रखने भंडारण की व्यवस्था है। इससे तेजी के साथ गेहूं की खरीदी होती है तो गेहूं भंडारण में दिक्कतें आ सकती हैं।
मंडी में आवक शुरू
गेहूं की फसल पक कर तैयार हो चुकी है और जिले में इसकी आवक भी पिछले एक माह से मंडी में आना शुरू हो चुकी है। सरकार ने 20 मार्च से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए 160 केन्द्रों पर खरीदी शुरू करने की बात गई है, लेकिन खरीदी केन्द्रों पर किसानों को इस बार भी कई बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, जिसकी संभावना इसी से ही लगाई जा सकती है कि गेहूं खरीदी के अंतिम दो दिन शेष बचने के बावजूद तैयारियां पूरी तरह से मुकमल नहीं हो पाई है।
सरकारी दावे तैयारी पूरी
हालांकि प्रशासनिक अधिकारी सभी तैयारियां पूरी होने के दावे कर रहे हैं। इस बार सबसे अधिक परेशानी गेहूं भंडारण को लेकर परेशानी आ सकती है। बताया जाता है कि इस साल भी गेहूं खरीदी के लिए साढ़े चार लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा हुआ है, लेकिन भंडारण के लिए अधिकांश गोदाम फुल हैं। वेयर हाउस शाखा प्रबंधक संतोष खलको के अनुसार अभी करीब 80 से 90 हजार मीट्रिक टन उपज भंडारण के लिए गोदाम खाली है, लेकिन शीघ्र ही चावल की रैक लगने वाली है। जिससे गोदाम खाली हो जाएंगे।
सप्ताह के पांच दिन होगी खरीदी
जिले में रबी विपणन मौसम 2018-19 अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 20 मार्च से 20 मई तक की अवधि नियत की गई है। डीएसओ ने बताया कि भारत सरकार द्वारा रबी विपणन मौसम 2018-19 के लिए औसत अच्छी गुणवत्ता (एफएक्यू) गेहूं का समर्थन मूल्य एक हजार सात सौ पैंतीस रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। इसके अलावा २६५ रुपए बोनस के साथ किसानों को दो हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीदी की जाएगी। किसानों से गेहूं उपार्जन कार्य सप्ताह में 5 दिवस सोमवार से शुक्रवार तक किया जाएगा।
सायलो केन्द्र पर भी भंडारण की समस्या
जिला मुख्यालय पर हर सायलो में 50 हजार मैट्रिक टन गेहूं भंडारण की व्यवस्था है, लेकिन इस साल साढ़े 12 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले सायलो के चार बाक्सों में से तीन भरे हुए हैं। शेष एक ही खाली है। इनमें साढ़ेे 12 हजार मीट्रिक टन गेहूं का ही भंडारण संभव हो सकेगा। इसके कारण सायलो केन्द्र पर इस बार चार सोसायटियों के किसानों से गेहूं का उपार्जन होगा। पिछली बार यहां आठ सोसायटियों के किसानों से खरीदी की गई थी।
वर्जन
- गेहूं खरीदी के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। जिले में 160 केन्द्रों पर गेहूं की खरीदी की जाएगी। खरीदी 20 मार्च से शुरू होगी।
शैलेष शर्मा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, सीहोर
- वर्तमान में करीब 80 से 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं भंडारण की गोदामों में जगह उपलब्ध है। शीघ्र ही चावल का रैक लगने वाला है। चावल के रैक लगने के साथ ही गोदामों में भंडारण की समस्या नहीं आएगी।
संतोष खलको, प्रबंधक वेयर हाउस
Published on:
18 Mar 2018 08:28 pm
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