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MP में फिर दिखा बघीराः 25 फीट ऊंचे पेड़ से लगाई छलांग, पर्यटक हुए रोमांचित

black panther- सिवनी नेशनल पार्क में फिर नजर आया मोगली का दोस्त ब्लैक पैंथर बघीरा...। आपको भी रोमांचित कर देगा 10 सेकंड का वीडियो...।

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सिवनी

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Manish Geete

Nov 10, 2022

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सिवनी। मध्यप्रदेश में स्थित मोगली लैंड (mowgli land) में एक बार फिर बघीरा नजर आने से पर्यटकों का रोमांच बढ़ गया है। यह देश का एकमात्र दुर्लभ ब्लैक पैंथर है, जो कई माह में देखने को मिलता है। महज 10 सेकंड के लिए नजर आए इस ब्लैक पैंथर का पर्यटकों ने वीडियो भी बना लिया।

पेंच टाइगर रिजर्व में एक बार फिर दुर्लभ ब्लैक पैंथर (Black panther) नजर आया है। जंगल सफारी करने पहुंचे पर्यटक इसे देख रोमांचित हो उठे। नेशनल पार्क के तेलिया बफर जोन में यह दिखाई दिया। पर्यटक इसे बघीरा बोलते हैं।

गौरतलब है कि पेंच टाइगर रिजर्व मोगली का असली घर माना जाता है। माना जाता है कि इसी स्थान पर मोगली जानवरों के बीच रहा करता था। यह बघीरा अब देशभर में अपनी पहचान बनाने लगा है। हर बार पर्यटकों ने उसकी फोटो और वीडियो बनाए थे, लेकिन वो पलक झपकते ही गायब हो जाता है, इसलिए उसके ज्यादा वीडियो और फोटो नहीं बन पाते हैं।

यहां देखें VIDEO

25 फीट ऊंचे पेड़ से लगाई छलांग

गुलाबी ठंडक का मजा लेने पहुंचे कई पर्यटकों की जंगल सफाई सार्थक साबित हुई जब 25 फीट ऊंचे एक पेड़ पर ब्लैक पैंथर बैठा नजर आ गया। पर्यटकों की हलचल पाकर उसने पेड़ के ऊपर से ही छलांग लगाई और वो भाग गया। पर्यटकों ने इसका वीडियो बना लिया। महज 10 सेकंड के दिखे इस पैंथर को देख पर्यटक बेहद रोमांचक हैं। क्योंकि यह कई माह में एक बार ही नजर आता है।

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मध्यप्रदेश में है मोगली लैंड, यहीं हुआ था मोगली का जन्म

गौरतलब है कि ‘द जंगल बुक’ के प्रमुख किरदार मोगली की जन्मभूमि पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी को माना जाता हैं। मोगली और उसके दोस्त बघीरा के बीच गहरी दोस्ती के किस्से मशहूर हैं। कहानी के इसी पात्र बघीरा से काला तेंदुआ (black leopard) को जोड़ा जा रहा हैं। बताया जा रहा है कि काला तेंदुआ भी बघीरा की तरह नजर आ रहा है। इसकी यही पहचान उसे विशेष बना रही है। उधर, विशेषज्ञों की माने तो मेलेनिस्टिक (जींस) के कारण से भी कई वन्यजीवों का रंग बदल जाता हैं। काला तेंदुआ भी इसी का नतीजा हो सकता हैं।

दो साल पहले दिखा था पहली बार

इसके पूर्व पहली बार काला तेंदुआ 27 जुलाई 2020 में दिखा था। उस समय आहट मिलने पर वह घने जंगल में ओझल हो गया था। पेंच प्रबंधन की माने तो उसकी उम्र करीब एक वर्ष है। उसके साथ एक मादा तेंदुआ और दो अन्य शावक दिखाई दे रहे हैं। पेंच प्रबंधन लगातार उसकी मानीटरिंग कर रहा है। 17 सितंबर व 28 नवंबर 2020 को भी पर्यटकों को सफारी के दौरान काला तेंदुआ नजर आया था। इसके बाद यह अगस्त 2022 के बाद नवंबर 2022 में नजर आया है। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।

मध्यप्रदेश में है काला तेंदुआ, जिसे देखने आते हैं पर्यटक