11 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

MP में है मोगली का असली घर, यहीं हुआ था मोगली का जन्म

Mowgli festival- भारत में ब्रिटिश शासनकाल में मध्यप्रदेश के सिवनी के जंगल में एक बालक जो जंगली भेड़ियों के बीच पला-बढ़ा, उस दौर की किंवदंती आज भी जीवित है। यहां जन्मे मोगली ने आज दुनियाभर में धूम मचा दी है। मध्यप्रदेश मोगली उत्सव का भी आयोजन हर साल किया जाता है...।

2 min read
Google source verification

सिवनी

image

Manish Geete

Oct 19, 2019

mogli-land

mogli land madhya pradesh: दुनियाभर में बच्चों और बढ़ों का दिल जीतने वाली फिल्म जंगल बुक मध्यप्रदेश के एक अभ्यारण की कहानी है जिसमें मोगली का जन्म हुआ था और वो खतरनाक भेड़ियों और जंगली जानवरों के बीच पला-बढ़ा था। यह जंगल मध्यप्रदेश के सिवनी में है, जिसने दुनियाभर के लोगों के दिलों में जगह बनाई है।

सिवनी के जंगल में मिला था मोगली

भारत में ब्रिटिश सल्तनत के वक्त मध्यप्रदेश के सिवनी के जंगल में एक बालक जो जंगली भेड़ियों के बीच पला-बढ़ा, उस दौर की किंवदंती आज भी मानी जाती है। कई लोग इसे सही घटना मानते है। कहा जाता है कि एक बालक जो जंगलों की वादियों में पला, वह भेड़ियों की संगत में रहकर भेडियों की तरह हरकतें करता था।


सिवनी में मोगली का घर

वन्यजीवन का अध्ययन करने वाले कहते हैं कि सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व में मोगली का घर था। इसके प्रमाण सर विलियम हेनरी स्लीमन के लेख ''एन एकाउंट ऑफ वाल्वस नरचरिंग चिल्ड्रन इन देयर डेन्स'' नामक दस्तावेज में बताए गए हैं। दस्तावेज में यह भी उल्लेख है कि पेंच के संतबावड़ी ग्राम में 1831 में एक बालक मिला था, जो जंगली भेड़ियों के साथ गुफाओं में रह रहा था। 'जंगल बुक' के लेखक रूडयार्ड किपलिंग ने बैनगंगा नदी, कछारों और पहाड़ियों की चर्चा की थी। वह भौगोलिक स्थिति वास्तव में इस क्षेत्र से मेल खाती है।

 

750 वर्ग किमी में फैला है पेंच

सिवनी के पास स्थित पेंच टाइगर रिजर्व 750 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। पेंच राष्ट्रीय उद्यान और सेंचुरी का कोर एरिया 410 वर्ग किमी में फैला है।

गाने ने मचाई थी धूम

इससे कई साल पहले जंगल बुक पर कई फिल्में बनी लेकिन एक गाने ने कई बार धूम मचाई। यूट्यूब से लेकर फेसबुक तक इसके गाने ने सभी रिकार्ड तोड़ दिए थे। जंगल-जंगल बात चली है पता चला है... इस गाने को कई करोड़ बार देखा जा चुका है। कुछ साल पहले आई बॉलीवुड फिल्म के हिन्दी रूपांतरण में प्रियंका चोपड़ा, इरफान खान, नाना पाटेकर, ओम पुरी और शेफाली शाह ने अपनी आवाज दी थीं।

 

नाना तब भी अब भी

यह फिल्म 1967 में वॉल्ट डिज्नी की एनिमेटेड फिल्म का रीमेक थी। इसके हिंदी संस्करण में प्रियंका ने अजगर का को, इरफान ने भालू बलू और शेफाली ने भेड़िया रक्षा के किरदार को आवाज दी थी। ओम पुरी ने फिल्म में काले तेंदुए बघीरा और नाना पाटेकर ने शेर खान को आवाज दी थी। नाना पाटेकर ने 90 के दशक में दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली एनिमेटेड सीरीज में भी शेर खान को अपनी आवाज दी थी।

सरकार भी बताती है जंगल बुक का वास्तविक इतिहास, यहां करें क्लिक

 

 

यह भी पढ़ें
MP में जन्मा था मोगली, जंगल बुक के गाने ने मचा दी धूम


दूरदर्शन पर धूम मची थी

बीस साल पहले हर रविवार को भारत में ''जंगल-जंगल बात चली है पता चला है...' इस टाइटल सॉन्ग ने धूम मचा रखी थी। 'द जंगल बुक' का प्रमुख किरदार मोगली पर फिल्माया गया था। उस समय सीरियल के इस गीत पर राजनीति भी खूब गरमाई थी। कांग्रेस ने तो इस गीत की शिकायत भी चुनाव आयोग में कर दी थी।