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बाघ ने किया हमला तो चरवाहे ने लगाई ऐसी तरकीब, बच गई जान

जंगल में मवेशी चराने ले गया था चरवाहा, झाड़ियों में छिपे बाघ ने अचानक किया हमला तो चरवाहे ने चालाकी दिखाते हुए खुद की जान बचाई। हाथ में चोट आने के कारण चरवाहे को अस्पताल में भर्ती किया गया है।

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सिवनी. जंगल में बाघ से सामना हो जाए तो हर किसी की जान हलक में आ जाती है। लेकिन मरता क्या न करता ये कहावत तो आपने सुनी होगी। ऐसा ही एक वाक्या सिवनी जिले में सामने आया है जहां बाघ ने जब एक चरवाहे पर हमला किया तो चरवाहे ने अपनी जान बचाने के लिए ऐसी तरकीब अपनाई की मानो बाघ भी हैरान रह गया और चुपचाप वहां से जंगल की ओर भाग गया। हालांकि इससे पहले बाघ चरवाहे के हाथ में एक पंजा मार चुका था जिसके कारण चरवाहे के हाथ में चोट आई है।

बाघ से बचने चरवाहे ने दिखाई चालाकी
जानकारी के मुताबिक सिवनी के दक्षिण सामान्य वन मंडल के कुरई वन परिक्षेत्र के पीपरवानी परासपानी गांव के पास जंगल में कृष्ण गोपाल नाम का चरवाहा दूसरे चरवाहों के साथ अपने मवेशी चराने के लिए गया था। इसी दौरान अचानक झाड़ियों में घात लगाकर बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया। बाघ ने जैसे ही कृष्ण गोपाल के हाथ पर पंजा मारा कृष्ण गोपाल चालाकी दिखाते हुए तुरंत जमीन पर उलटा लेट गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। चिल्लाने के कारण बाघ वहां से भाग गया और उसकी जान बच गई।

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हाथ में आई चोट, इलाके में दहशत
हाथ पर बाघ के द्वारा पंजा मारने से चरवाहे कृष्ण गोपाल के हाथ में चोट आई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं गांव से लगे जंगल में बाघ के मूवमेंट और चरवाहे पर हमला किए जाने से न केवल पीपरवाली परासपानी बल्कि आसपास के कई गांवों में लोग दहशत में हैं। लोगों को कहना है कि हर वक्त बाघ का खतरा बना हुआ है। वहीं इस घटना के बाद वन विभाग का अमला लगातार जंगल में सर्चिंग कर बाघ को गांवों से दूर भेजने की कोशिश कर रहा है। ग्रामीणों को भी अकेले जंगल में न जाने और मवेशी न ले जाने की समझाइश वन विभाग की ओर से दी गई है।

देखें वीडियो- बाघिन से जान बचाने पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ