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इस कुएं का पानी है स्पेशल, खास बीमारी में अचूक दवा का करती है काम, दूर-दूर से आते हैं लोग

आखिर इस कुएं के पानी की क्यों है इतनी चर्चा ?
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शहडोल

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Akhilesh Shukla

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Updated: 7 Apr 2018, 4:02 PM IST

budi mata mandir helps to remove diseases

शहडोल- तस्वीर में दिख रहा है कि कुछ बच्चे कुएं से पानी खींचकर पी रहे हैं, लेकिन क्या आपको पता है इस कुएं का पानी सामान्य नहीं है। इस पानी की खासियत के बारे में जब आप जानेंगे तो आप भी कह उठेंगे वाह ये पानी तो चमत्कारी है।

यहां है स्पेशल पानी वाला ये कुआं
संभागीय मुख्यालय से कुछ ही दूरी है पर है बूढ़ी माता मंदिर , और मंदिर प्रांगण में ही है स्पेशल पानी वाला ये कुआं, जिसका पानी अपने आप में खास है, चमत्कारी है, अक्सर देखा जाता है कि जो भी भक्त मंदिर प्रांगण में आता है, माता के दर्शन करता है वो इस कुएं का पानी जरूर पीता है।

कुएं के पानी की खासियत
ऐसी मान्यता है कि माता के दरबार में जो भी भक्त आता है और इस कुएं का पानी पीता है उसे पेट और चर्म रोग से संबंधित बीमारियों से निजात मिल जाती है, मतलब पेट और चर्म रोग के लिए इस कुएं का पानी एक अचूक दवा के तौर पर काम करती है। और इसीलिए इस कुएं के पानी की डिमांड दूर-दूर तक है।

जानिए क्यों चमत्कारी है पानी ?
जानकारों का कहना है कि बूढ़ी माता मंंदिर प्रांगण में जो कुआं है, वहां से सल्फरयुक्त पानी निकलता है, जिसे कंकाली माता का प्रसाद मान कर लोग पीते हैं। कुएं से पानी निकालने के लिए हमेशा एक बाल्टी और रस्सी भी रखी रहती है। जिससे हर कोई इस चमत्कारी कुएं का पानी पी सके। प्रसाद के तौर पर इस कुएं का पानी पीने की परंपरा पिछले कई दशकों से चल रही है। और मंदिर प्रांगण का कुआं अब लोगों की आस्था का केंन्द्र बन गया है। इस कुएं के पानी की दूर-दूर तक डिमांड है। इतना ही नहीं लोग आते हैं तो इस कुएं के पानी को बर्तनों में भी भरकर ले जाते हैं।

परिसर में है माता की महिमा
बूढ़ी माता मंदिर के पुजारी के मुताबिक मंदिर परिसर में माता का प्रताप है। जिसकी वजह से कुएं का पानी कभी कम नहीं होता है । और उसमें गंधक (सल्फर) की मात्रा भी कम नहीं होती है। ये पानी कुएं से तो निकलता ही है । साथ ही कुछ साल पहले कराए गए बोर से भी सल्फरयुक्त पानी ही निकल रहा है। चौकाने वाली बात तो ये है कि इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में अन्य कई लोगों ने बोर कराया है लेकिन उनका पानी साधारण ही है।

ऐसे में लोगों का मानना है कि मां के प्रताप से ही सल्फर युक्ता पानी निकल रहा है। जिसका सेवन करने से पेट से संबंधित बीमारियों से निजात मिलती है। और पानी से स्नान करने से चर्म रोग नष्ट हो जाते हैं। इस कुएं के पानी को शहडोल संभाग के बाहर से भी दूर-दूर से आकर लोग लेकर जाते हैं। क्योंकि इस पानी ने कई लोगों के लिए अचूक दवा का काम किया है।