
गंदे पानी से हो जाता है कैंसर, लेकिन इस शहर के लोग तरस रहे साफ पानी को
शहडोल. दूषित पानी से पीने से कैंसर भी हो जाता है लेकिन ये बात इस शहर के नगरीय निकाय को समझ में नहीं आ रही है। शहर में लगातार गंदा पानी सप्लाई किया जा रहा है। जिला प्रशासन भी इस पर मौन साधे हुए है। नगरीय निकाय की लापरवाही के चलते शहर में संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बढ़ गया है।
गर्मी के बाद अब बारिश शुरू होने पर भी नगरपालिका नगर के लोगों को साफ और स्वच्छ पानी के लिए रुला रही है। नगरपालिका द्वारा लगभग एक सप्ताह से गंदे और दूषित पानी की सप्लाई किए जाने से लोगों के स्वास्थ्य के साथ किया जा रहा है। इस मामले को लेकर नगर के लोगों के साथ ही नपा के जन प्रतिनिधि तक परेशान हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया जा रहा है। नगर में लगभग एक सप्ताह से नगर के आधे मुहल्लों में गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। नगर के पुरानी बस्ती, घरौला मुहल्ला, पुरानी बस्ती, इतवारी मुहल्ला और पाण्डवनगर सहित अन्य मुहल्लों में गंदे पानी की सप्लाई किए जाने से लोग परेशान हो रहे हैं। वहीं मंगलवार को सुबह पाण्डवनगर गैस गोदाम के पास पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण पाण्डवनगर में पानी की सप्लाई बाधित रही और नपा द्वारा पाइप लाइन का सुधार कराए जाने के बाद दोपहर में पानी की सप्लाई बहाल की गई। इसी तरह नगर के घरौला मुहल्ला में तीन दिनों से गंदे पानी की सप्लाई होने के बाद मंगलवार को पानी की सप्लाई नहीं हो सकी, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूत्रों की मानें तो नपा के सरफा फिल्टर प्लांट में खराबी आने के कारण गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। वहीं नगरपालिका द्वारा पानी की सप्लाई के पूर्व ब्लिचिंग पावडर और फिटकिरी की कम मात्रा मिलाए जाने से सीधे बारिश का पानी लोगों को सप्लाई किया जा रहा है। गंदे पानी की सप्लाई और गंदा पानी पीने की वजह से शहर में पीलिया और डायरिया के साथ लोगों में पेट की बीमारी होने की संभावना बन गई है, लेकिन नपा द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके पहले भी गंदे पानी की सप्लाई किए जाने के मामले में सीएमओ ने पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद सहायक यंत्री ब्रृजेन्द्र वर्मा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था, लेकिन इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
एलम की कमी के कारण आई समस्या
नगर में गंदे पानी की समस्या को लेकर नगरपालिका के सरफा में पदस्थ कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। सहायक यंत्री ब्रृजेन्द्र वर्मा ने बताया कि एलम की कम मात्रा और सरफा में अचानक पानी की मात्रा अधिक आने के कारण समस्या आई है। कुछ कर्मचारियों की लापरवाही और पाइप लाइन में मिट्टी का भराव होने की वजह से मटमैला पानी स्प्लाई हो गया, उन्होने बताया कि पाइप लाइनों का मेंटीनेंस का कार्य कराया जा रहा है। अक्सर टूटी पाइप लाइनों में मिट्टी का भराव होने के कारण समस्या आती है, सफाई कराई गई है। लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बढ़ा
डॉ पंकज श्रीवास्तव के अनुसार, गंदे पानी से बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है, जिससे हैजा, टाइफाइड, दस्त किसी को भी अपना शिकार बना सकती हैं। इसके अलावा गंदा पानी पीने से वायरल इंफेक्शन भी हो सकता है। वायरल इंफेक्शन के कारण हेपेटाइटिस ए, फ्लू, कॉलरा, टायफाइड और पीलिया जैसी खतरनाक बीमारियां होती हैं। इससे कई संक्रामक बीमारियां भी फैलती हैं। पानी में ज्यादा मात्रा में फ्लोराइड हो तो दांतों में समस्या आने लगती है। लौह की मात्रा ज्यादा होने से भी नुकसान है। केडमियम की मात्रा ज्यादा होने से कैंसर सहित कई रोग हो जाते हैं।
सहायक यंत्री को किया नोटिस जारी
नगर में गंदे पानी की सप्लाई किए जाने मामले को लेकर सहायक यंत्री को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था। इस मामले में जवाबदारों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी और जल्द व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा।
एके तिवारी
सीएमओ
नपा-शहडोल
Published on:
18 Jul 2018 01:35 pm
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