
Shahdol Virateshwar Shiva temple
मध्यप्रदेश में एक प्रसिद्ध प्राचीन शिव मंदिर पर ताला जड़ने पर बवाल मच गया है। मंदिर के गर्भगृह में ताला जड़कर पुजारी के जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई जिससे श्रद्धालु गुस्सा उठे। प्रदेश के शहडोल के ऐतिहासिक विराट शिव मंदिर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानि एएसआई ASI ने यह ताला लगाया है। हिंदूवादी संगठनों ने शिव मंदिर में ताला लगाने का विरोध करते हुए तुरंत मंदिर खोलने की मांग की है। संगठनों और भक्तों ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है। इधर एएसआई ने कहा कि विराटेश्वर मंदिर की मरम्मत के लिए सुरक्षा कारणों से ताला लगाया गया है। जल्द ही इसे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
शहडोल का विराटेश्वर शिव मंदिर एएसआई की देखरेख में है। एएसआई ASI ने मंदिर में ताला लगा दिया और श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी। इससे श्रद्धालुओं में काफी नाराजगी फैल गई है। मंदिर के गर्भगृह पर ही ताला लगाने से नियमित पूजा तक नहीं हो हो पा रही है।
गर्भगृह बंद किए जाने से लोग भड़क उठे। हिंदूवादी संगठनों ने इसके खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दे दी। बजरंग दल के महाकोशल प्रांत महामंत्री शक्ति सिंह ने कहा कि मंदिर में ताला लगाना गलत है। दूर-दूर से आ रहे भक्तों को बिना दर्शन किए वापस लौटना पड़ रहा है।
इधर एएसआई का कहना है कि विराटेश्वर मंदिर को मरम्मत के लिए बंद किया गया है। एएसआई जबलपुर के अधीक्षक डा. शिवकांत वाजपेयी ने बताया कि इस शिव मंदिर की दीवार का एक हिस्सा जर्जर हो चुका है। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर बंद कर गर्भगृह में ताला लगाया है। जल्द ही मंदिर की मरम्मत कराएंगे और ताला खोल देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय कर्मचारियों को मंदिर बंद करने के संबंध में नोटिस चस्पा करने को कहा गया था ताकि भक्त भ्रमित न हों।
अधीक्षक डा. शिवकांत वाजपेयी ने कहा कि अब नोटिस लगवा रहे हैं। इसके साथ ही सुबह नियमित पूजन के लिए पुजारी को गर्भगृह में जाने दिया जाएगा।
Published on:
18 Oct 2024 09:47 pm
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