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पुलिस की संवेदनहीनता: तारीख पर तारीख, 654 पीड़ित महिलाओं को न्याय का इंतजार

शहडोल और अनूपपुर आगे, रेंज में 6 सैकड़ा महिला अपराध पेडिंग

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Suffering women await justice

पुलिस की संवेदनहीनता: तारीख पर तारीख, 654 पीड़ित महिलाओं को न्याय का इंतजार

शहडोल। महिला अपराधों से जुड़ी पेडेंसी प्रदेश में शहडोल की छवि बिगाड़ रही है। लंबे समय से महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में पेडेंसी बनी हुई है। आरोप पत्र न्यायालय तक न पहुंचने से पीडि़त महिलाओं को भी न्याय नहीं मिल सका है। तारीख पर तारीख दी जा रही हैं। उधर रेंज की 654 पीडि़त महिलाओं को अभी भी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और खुद के लिए न्याय का इंतजार है। मामले में पुलिस की संवेदनहीनता भी सामने आ रही है। महिलाओं से जुड़े अपराधों की पेडेंसी में शहडोल और अनूपपुर सबसे आगे है। ये पेडेंसी एक दो माह नहीं बल्कि कई सालों से है। रेंज के क्राइम रिकार्ड पर नजर डालें तो 6 सैकड़ा केस फाइल पेडिंग हैं, जो महिला अपराधों से जुड़े हुए हैं। स्थिति यह है कि अब पीडि़ताओं ने भी उम्मीद छोड़ दी है।

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33 फीसदी अकेले महिला अपराधों की पेडेंसी
क्राइम रिकार्ड के अनुसार, पुलिस रेंज शहडोल में 19 सौ 64 कुल अपराधों की पेडेंसी है। इसमें 33 फीसदी पेडेंसी अकेले महिलाओं से जुड़े मामलों की है। जानकारी के अनुसार, 654 महिला अपराधों में पेडेंसी है।

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महिला अपराधों की पेडेंसी की वजह
रेंज में 654 महिला अपराध पेडिंग हैं। इसमें शहडोल में 381 मामले अकेले शहडोल के हैं। ये पेडेंसी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने की वजह से है। ऐसा भी नहीं है कि इस मामलों में आरोपियों की जानकारी न हो। आरोपियों के नाम भी पुलिस को पता है। अधिकांश मामलों में नामजद आरोपी है फिर भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंची है। आरोपी न पकडऩे से कोर्ट में चालान पेश नहीं हुआ है, जिससे इन मामलों में पेडेंसी बरकरार है।

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15 जिलों की समीक्षा में भी सामने आई लापरवाही
हाल ही में आईजी महिला अपराध आरके अरूसिया ने 15 जिलों के साथ रेल महिला अपराधों की समीक्षा की। यहां पर भी महिला अपराधों में काफी पेडेंसी सामने आई है। समीक्षा में पाया कि कई मामलों में न्यायालय तक चालान ही पेश नहीं हुआ है। आईजी अरूसिया ने निर्देश भी दिए हैं कि महिलाओं से जुड़े गंभीर अपराधों में 60 दिन से ज्यादा पेडेंसी नहीं होनी चाहिए। हर हाल में 60 दिन में मामलों का निकाल होना चाहिए।

जिला अपहरण दुष्कर्म दहेज हत्या, आत्महत्या छेड़छाड़ दहेज प्रताडऩा
शहडोल 319 37 5 15 5
उमरिया 71 4 3 2 1
अनूपपुर 44 15 2 6 0
डिंडौरी 44 15 2 6 0


बैठक लेकर समीक्षा की, जल्द होगी खत्म
पेडेंसी को लेकर हाल ही में बैठक लेकिन अपराधों की समीक्षा की है। महिला अपराधों को लेकर पुलिस संवेदनशील है। सभी एसपी को पेडेंसी खत्म करने के निर्देश दिए हैं। पेडेंसी खत्म करने में पूरा प्रयास है।
एसपी सिंह, आईजी
पुलिस रेंज, शहडोल

समीक्षा कर दिए हैं निर्देश
हाल ही में महिला अपराधों की समीक्षा की है। सभी जिलों को पेडेंसी खत्म करने निर्देश दिए हैं। लगातार अधिकारियों से बात कर रहे हैं कि पेडेंसी खत्म करने कितना काम हुआ है।
आरके अरूसिया, आईजी
महिला अपराध