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बड़े अफसर अभी भी कार्रवाई की जद से दूर…

शिकार के बाद दबा दिया था मामला, दो डिप्टी रेंजर और दो बीटगार्ड निलंबित

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The big officers are still far from the jad of action

The big officers are still far from the jad of action

शहडोल. बांधवगढ़ से सटे घुनघुटी क्षेत्र में एक के बाद एक शिकार मामले में अब अफसरों पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने घुनघुटी के आमगार गांव में बाघिन और शावक के शिकार के बाद मामले को दबा दिया था। इस बात का खुलासा शिकार मामले की जांच में हुआ है। अधिकारियों ने शिकार मामले में बड़ी लापरवाही मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की है। इसमें दो डिप्टी रेंजर और दो बीट गार्ड को निलंबित किया है। हालांकि बड़े अफसर अभी भी कार्रवाई की जद में नहीं आए हैं। कचोदर और धोराई के अधिकारी कर्मचारी शामिल हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार कंचोदर के डिप्टी रेंजर मान सिंह ने आमगार में बाघिन, शावक के शिकार के बाद मामले को दबा दिया था। जानकारी होने के बाद भी आला अधिकारियों को नहीं बताया।

आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा था। मामले में जांच के दौरान यह बात सामने आई। इसके बाद डिप्टी रेंजर मान सिंह, बीट गार्ड अजय सिंह को निलंबित कर दिया है। धौराई के डिप्टी रेंजर मोइन खान और बीटगार्ड नरेश बैगा को भी निलंबित किया गया है। इन दोनों जगहों में करंट लगाकर बाघ, बाघिन और एक शावक का शिकार किया गया था। विभागीय जानकारी के अनुसार यहां करंट लगाने की सूचना ग्रामीणों ने पूर्व में भी अधिकारियों को दी थी लेकिन डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। बेखौफ माफिया खेतों में करंट बिछा रहे थे। जिसकी चपेट में आकर अक्सर जंगली ***** और अन्य वन्यजीव आ रहे थे। इसी बीच बाघ, बाघिन और शावक का भी शिकार किया।

जंगलों के बाहर ढूंढ़ रही शावक, नहीं सुराग
बाघिन की मौत के बाद हाथी दल और टीपीएफ (टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स) की टीम ढूंढने के लिए जंगलों में गई थी लेकिन एक सप्ताह का समय मिलने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। दोनों टीम जंगल के बाहरी हिस्सों में पड़ताल कर रहे हैं, जिससे अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो पहाड़ी के नीचे पदचिंह मिले थे। जिसके अनुसार रूट पर टीम ने सर्चिंग बढ़ा दी थी लेकिन अब तक इस नतीजे पर नहीं पहुंची है। शावक न मिलने से अब उसके जीवन पर खतरा भी बढ़ता जा रहा है। एक्सपर्ट की मानें तो शिकार न कर पाने की स्थिति में भूख से मौत भी हो सकती है। गौरतलब है कि घुनघुटी के आमगार में बाघिन और एक शावक की मौत हो गई थी, जबकि एक शावक कहीं चला गया था जिसकी सर्चिंग की जा रही है।

हिरासत से भागने वाला दूसरे दिन भी फरार
घुनघुटी क्षेत्र में बाघिन और शावक के शिकार का मुख्य आरोपी दूसरे दिन भी नहीं मिला। मध्यप्रदेश टाइगर सेल की टीम आरोपी को लेकर हापुड़ से शहडोल आ रही थी तभी एक होटल से आरोपी चकमा देकर भाग निकला था। फरार होने के बाद दूसरे दिन भी आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला है। वन विभाग के आला अधिकारी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रहे हैं लेकिन बुधवार की रात तक कोई सुराग नहीं मिला है। गौरतलब है कि मुख्य आरोपी सूरज सिंह वारदात के बाद ३ दिसंबर को गांव से फरार हो गया था। आरोपी की लोकेशन हापुड़ में मिली थी, जिसके बाद गिरफ्तार करते हुए शहडोल लाया जा रहा था। इसी दौरान आरोपी चकमा देकर होटल से भाग निकला था। टीम आरोपी की तलाश कर रही है।

इनका कहना है
उमरिया डीएफओ वासु कन्नौजिया के मुताबिक बाघ बाघिन और शावक के शिकार मामले में डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड की लापरवाही उजागर हुई है। डिप्टी रेंजर मान सिंह ने लिखित में भी दिया है कि जानकारी पहले लग गई थी। मामले में लापरवाही पर दो डिप्टी रेंजर और दो बीट गार्ड को निलंबित कर दिया गया है।