शहडोल- कोयलांचल में नौनिहालों की जिंदगी कुपोषण की चपेट में है। इससे पूरी की पूरी पीढ़ी का भविष्य चौपट हो रहा है। कुपोषण के हालात बदतर हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें नहीं हैं। न ही इससे लडऩे के ईमानदार प्रयास किए जा रहे हैं। समाज, शासन, प्रशासन सभी इस कुपोषण रूपी कलंक के आगे बौने साबित हैं। यहां के हालात को देखकर इसे सामूहिक शर्मिंदगी का विषय कहें तो अधिक उपयुक्त होगा।