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विस्फोटक का केन्द्र बन रहा इलाका, पढि़ए नक्सलियों के कॉरिडोर में खतरा

सीमाओं पर पहुंच रही बारूद की खेप
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शहडोल

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Akhilesh Shukla

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Updated: 21 May 2018, 1:04 PM IST

Vishfotak ka kendra ban raha ilaka,Risks in Naxalites Corridore

विस्फोटक का केन्द्र बन रहा इलाका, पढि़ए नक्सलियों के कॉरिडोर में खतरा

शहडोल- विंध्य का शहडोल, उमरिया और अनूपपुर अब धीरे- धीरे विस्फोटक का केन्द्र बनता जा रहा है। सीमाओं से सेंधमारी करते हुए विस्फोटक व्यापार से जुड़े बड़े कारोबारी आसानी से खेप अलग- अलग जगहों तक पहुंचा रहे हैं। क्रेशरों की आड़ में शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में अवैध तरीके से विस्फोटक पहुंच रहा है। इतना ही नहीं बड़े माफिया व्यापक स्तर पर बारूद का स्टॉक भी कर रहे हैं।

कुछ जगहों में इनका उपयोग के्रशरों में पत्थर तोडऩे के लिए किया जाता है लेकिन नक्सलियों का रेड कॉरीडोर होने के चलते इन जगहों में विस्फोटक का गलत उपयोग भी किया जा सकता है। सीमाओं पर सेंधमारी कर बारूद की खेप आसानी से जगह जगह पहुंचाई जा रही है। यह कभी भी कोई बड़ी वारदात का कारण बन सकती है। इसके बाद भी आला अधिकारियों ने इस दिशा में चुप्पी साध रखी है।

हर माह एक करोड़ का विस्फोटक सप्लाई

क्रेशरों में पत्थर तोडऩे की आड़ में हर माह लगभग एक करोड़ का विस्फोटक अवैध तरीके से संभाग में पहुंच रहा है। रीवा और छग के बड़े व्यापारी बेखौफ होकर लग्जरी वाहनों से बारूद की सप्लाई कर रहे हैं। अधिकांश विस्फोटक का उपयोग क्रेशरों में होता है। इसमें जिलेटिन से लेकर डेटोनेटर तक शामिल हैं। पूर्व में पुलिस ने भी कई कार्रवाई की थी लेकिन अब पुलिस को इसकी भनक ही नहीं लगती है।

इन क्षेत्रों के क्रेशरों में विस्फोटक का स्टॉक

शहडोल के ब्यौहारी में सबसे ज्यादा अवैध क्रेशर संचालित हैं। इसके अलावा अमझोर, ब्यौहारी के साथ ही अनूपपुर के कोतमा में कई क्रेशर हैं। यहां पर विस्फोटक का पहले स्टॉक किया जाता है। बड़े रसूखदार बेखौफ होकर डेटोनेटर और जिलेटिन मंगाते हैं फिर विस्फोटक के तौर पर उपयोग किया जाता है। इस पर कार्रवाई करने माइनिंग और पुलिस पूरी तरह बेखबर है और कार्रवाई नहीं करती है।


छग की सीमा और नक्सलियों का कॉरिडोर

संभाग के शहडोल, उमरिया और अनूपपुर की कई सीमाएं छत्तीसगढ़ से जुड़ी हैं। इसके अलावा यह नक्सलियों का रेड कॉरीडोर भी माना जाता है। शहडोल के अमझोर सीधी, जैतपुर, दरर्शिला, झींकबिजुरी छग की सीमाएं हैं। इसके अलावा अनूपपुर का कोतमा, बिजुरी छग से सटा है। शहडोल के सीधी क्षेत्र में पूर्व में नक्सल मूवमेंट की भनक कई सालों पहले मिली थी। प्रशासन ने भी इन क्षेत्रों को नक्सल संभावित क्षेत्रों में शामिल किया है। इसके बाद भी इन रूटों पर बारूदों की सप्लाई बड़ी वारदात बन सकती है।

रसूखदार ने मंगाई थी बारूद की खेप

हाल ही में देवलोंद पुलिस ने विस्फोटक के परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की थी। बारूद सप्लाई से जुड़े कारोबारी रीवा से जिले की सीमा पर सेंधमारी करते हुए अमझोर स्थित रसूखदार क्रेशर संचालक के यहांं खपाने के लिए आ रहे थे तभी प्रभारी अभिमन्यु द्विवेदी ने कार्रवाई करते हुए खेप जब्त की थी। यहां पर कई क्विंटल जिलेटिन और डेटोनेटर बड़ी मात्रा में जब्त किया था। अवैध तरीके से विस्फोटक को अमझोर स्थित क्रेशर में खपाने के लिए भेजा जा रहा था। मामले में दो को आरोपी भी बनाया गया था। सूत्रों की मानें तो विस्फोटक सप्लाई में कई बड़े रसूखदार शामिल हैं, जिससे पुलिस बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाती है।

बेहद गंभीर मामला है

आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ के मुताबिक क्षेत्र में विस्फोटक की सप्लाई होना बेहद गंभीर मामला है। पूर्व में पुलिस ने इस पर कई बड़ी कार्रवाई की है। संभाग के शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में यदि विस्फोटक सप्लाई किया जा रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई जाएगी, वाहनों की जांच के निर्देश दिए जाएंगे। क्रेशरों में विस्फोटक का स्टॉक है तो पुलिस टीम दबिश देकर कार्रवाई करेगी।