
शाहजहांपुर। कुंवर जयेश प्रसाद की पत्नी नीलिमा प्रसाद सहित भाजपा में शामिल होने का विरोध भाजपा में दिखाई देने लगा है। कुछ दबी जुबान तो कई खुलकर प्रसाद परिवार के भाजपाई होने के विरोध में खड़े हो गए हैं। ख़ास बात ये भी है कि शाहजहांपुर में पिछले लम्बे समय से निकाय चुनाव लड़ने का इन्तजार कर रही सोनिया राठौर ने नीलिमा प्रसाद का विरोध किया है। सोनिया राठौर ने साफ़ कहा है कि भाजपा ने आज एक रानी को अपनाने और कार्यकर्ता को ठुकराने का काम किया है।
आपको बता दें कि शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद् के लिए भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर की अनुज वधू सोनिया राठौर शाहजहांपुर की पूर्व चेयरमैन सरोज गुप्ता ,मंजुला बाथम, डॉ नमिता सिंह सहित दो दर्जन से अधिक दावेदार निकाय चुनाव के लिए आवेदन कर चुके हैं। ख़ास बात ये है कि निकाय चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी के लिए आये आवेदनों में यूपी कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना और मोदी मंत्रिमंडल की मंत्री कृष्णराज की की गुटबाजी का भी असर दिखाई देने लगा है।
दरअसल शाहजहांपुर में तमाम दावेदार अपने को जिताऊ और टिकाऊ मानकर अपने अपने चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे। खासकर भाजपा में एक अनार सौ बीमार की तरह किसी भी जुगत से टिकिट पाने की जुगाड़बाजी कर रहे थे लेकिन जब से प्रसाद भवन की बहू नीलिमा प्रसाद के भाजपा की टिकिट पर शाहजहांपुर नगरपालिका से चुनाव लड़ने की अटकलों का दौर शुरू हुआ तो तमाम दावेदारों को सांप सूंघ गया लेकिन सोनिया राठौर अंगद के पैर की तरह अभी भी टिकिट पाने की उम्मीद जता रही हैं।
एक सवाल के जवाब में भाजपा नेता सोनिया राठौर ने कहा कि पार्टी ने उनके त्याग और निष्ठा को ध्यान नहीं दिया है। एक कोठी के रजवाड़े को ध्यान देकर एक कार्यकर्ता की अनदेखी की गयी है। वह ऐसे प्रत्याशी को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा के अनुसार राजनीति तिकड़म और भाग्य का खेल है। दावेदार बहुत हैं जिसके भाग्य में होगा कुर्सी उसी को नसीब होगी।
Updated on:
03 Nov 2017 06:39 pm
Published on:
03 Nov 2017 06:37 pm
बड़ी खबरें
View Allशाहजहांपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
