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सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताने पर यूपी के डिप्टी सीएम, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय के खिलाफ परिवाद

उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर।

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शाहजहांपुर। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा द्वारा राजधानी लखनऊ में दिए गए बयान को लेकर उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आस्था को ठेस पहुंचने के बाद यहां एक अधिवक्ता ने उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, सहित बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को आरोपी बनाते हुए सीजीएम कोर्ट मे एक परिवाद दायर किया है। उनका कहना है कि उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सीता को टेस्ट ट्यूब बेबी बताया। हिंदू सीता मां को पूजते हैं। इस ब्यान से हिंदू की भावनाओं को ठेस पहुंची है। बयान दिए जाने के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं इस मामले मे थाना सदर बाजार मे मुकदमा दर्ज कराने गए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। फिलहाल कोर्ट डिप्टी सीएम के इस मामले में अगली सुनवाई 14 जून को करेगा।

क्या है पूरा मामला कब दिया था बयान
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने हिन्दुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला विवादित बयान उस समय दिया था, जब लखनऊ के इंद्रा गांधी प्रतिस्थान में इंडिया स्किल्स क्षेत्रीय प्रतियोगिता- 2018 के कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा था कि सीता जी का जन्म मिट्टी के बर्तन से हुआ था, यानि उस समय भी टेस्ट ट्यूब से बच्चा पैदा करने का कॉन्सेप्ट रहा होगा। उन्होंने कहा था सीताजी भी टेस्ट ट्यूब बेबी हो सकती हैं, उनके इस बयान के बाद विपक्ष से लेकर उनकी ही पार्टी में हंगामा मच गया और जगह जगह उनके अयान की निंदा हुई है, लेकिन पार्टी द्वारा उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।


अधिवक्ता ने दायर किया परिवाद
कार्रवाई न होने से नाराज करप्शन फ्री इंडिया के जिला अध्यक्ष व अधिवक्ता बीएन सिंह यादव ने बीते 4 जून को कोर्ट में एक परिवाद दायर किया था। अधिवक्ता बीएन सिंह यादव का कहना है कि ये सब वे प्रसिद्धि पाने के लिए नहीं कर रहे हैं। वह किसी भी पार्टी से नहीं जुड़ें हैं। वह दो जून को अपने मोबाईल पर यू ट्यूब देख रहे थे, जिसमें उन्होंने देखा कि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने सीता मां पर एक बयान दिया है। जिससे हिंदू की आस्था को ठेस पहुंची है। उप मुख्यमंत्री ने सीता मां को टेस्ट ट्यूब बेबी बताया था। ये बयान उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने मीडिया के सामने दिया था। जो कुछ देर मे सार्वजनिक हो गया था। हालांकि माना जा रहा था कि उन पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कार्रवाई जरूर करेंगे। उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में वह भी उतने ही दोषीं हैं, जितना कि उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा दोषी हैं।

14 जून को सुनवाई
अधिवक्ता बीएन सिंह यादव का कहना है उनके प्रार्थना पत्र के आधार पर कोर्ट ने परिवार संख्या 3567 पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ धारा 298,120 बी के तहत परिवाद दायर कर लिया है। अधिवक्ता का कहना है कि उनके पास सारे सुबूत हैं। वीडियो है जिसमें उन्होंने हिंदू की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। वह 14 जून से पहले कोर्ट मे जमा कर देंगे। उनका कहना है कि वह पहले तो सदर थाने गए थे, लेकिन सत्ता की हनक के आगे उनकी रिपोर्ट लिखने से पुलिस ने इंकार कर दिया था, जिसके बाद उनको कोर्ट की शरण मे आना पड़ा। फ़िलहाल अब मामला कोर्ट में पहुंचने के बाद डिप्टी सीएम की मुश्किलें बढ़ती दिखाई पड़ रही हैं।