
शाहजहांपुर। नौ साल के बालक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बालक की गला कसकर हत्या कर दी गई और लाश को गांव के बाहर फेंक दिया गया। बालक की हत्या क्यों और किसने की ये बात अभी रहस्य बनी हुई है।आशंका व्यक्त की जा रही है कि बालक की कुकर्म के बाद हत्या की गयी है। फिलहाल पुलिस बालक की हत्या के मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है।
मंदिर के पास मिली लाश
घटना थाना रौजा क्षेत्र के जमुका गांव की है जहां रामहेत (काल्पनिक) का नौ साल का इकलौता बेटा करन (काल्पनिक) मंगलवार शाम को स्कूल से आने के बाद घर से खेलने चला गया और अचानक लापता हो गया था। करन शहर में एक निजी स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता था। रात को ही परिवार वालों ने बच्चे की काफी तलाश की लेकिन कोई भी पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह गांव के बाहर बने मन्दिर के पास बच्चे की लाश पड़ी देखी गई। बाद में शिनाख्त लापता करन के रूप में की गई। नौ साल के बच्चे की हत्या से पूरे गांव में हड़कम्प मच गया है। गांव के लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर दहशत में हैं। परिवार वालों की मानें तो उनकी किसी से भी कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में बालक की हत्या किसने और क्यों की ये बात लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल परिवार दहशत में है और पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
एक साल के अंदर दो दर्जन से अधिक बच्चे हो चुके हैं लापता
आपको बता दें कि बीते एक साल में जनवरी से लेकर अब तक दो दर्जन से अधिक बच्चे इसी तरह गायब हो चुके हैं और पुलिस गुमशुदा बच्चों की तलाश में नाकाम रही है। गायब हुए मासूमों की अगले दिन या फिर कुछ दिनों बाद लाश ही बरामद हुई। ख़ास बात ये है कि जब किसी परिवार का मासूम गायब होता है तो पुलिस का रटा रटाया जवाब होता है एक दो दिन ढूंढ़ो, रिश्तेदारी में मालूम करो मिल जाएगा। गुमशुदगी दर्ज करने में इसी तरह की हीलाहवाली कर टरका देने का काम करती है। पुलिस किसी बड़े अधिकारी या फिर राजनीतिक जोर दबाव के बाद ही गुमशुदा की शिकायत दर्ज करती है।
Published on:
06 Dec 2017 07:44 pm
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