
शाहजहांपुर। जिला अस्पताल में महिला सीएमएस और फार्मासिस्ट आमने सामने आ गये। सीएमएस को हटाये जाने की मांग को लेकर फार्मासिस्ट ने काम काज ठप कर दिया और जमकर हंगामा और नारेबाजी की। स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की धमकी के बाद अपर निदेशक स्वास्थ्य ने सीएमएस को उनके पद से हटा दिया है। फिलहाल फार्मासिस्ट ने हड़ताल खत्म कर दी है। आपको बता दें कि महिला अस्पताल के सीएमएस अपनी ऊंची राजनीतिक पहुंच की धमकी देकर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और डॉक्टर्स को धमकाते थे और अस्पताल का स्टाफ मजबूरी मानकर सहन करता रहता था।
कर्मचारियों के बेवजह परेशान करने का आरोप
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस पर आरोप है कि वो बेवजह कर्मचारियों को परेशान कर रहे हैं और कर्मचारियों को बेवजह कारण बताओ नोटिस जारी करते हैं। इतना ही नहीं सीएमएस ने पांच फार्मासिस्ट को अस्पताल से हटाने के लिए शासन को चिट्ठी लिख दी जिसके कारण फार्मासिस्ट ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया और अस्पताल गेट पर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। हंगामे और स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने पर अपर निदेशक स्वास्थ्य ने सीएमएस अशोक रस्तोगी को जिला महिला अस्पताल के सीएमएस पद से हटा दिया है और उनके स्थान पर जिला महिला अस्पताल के वरिष्ठ डॉ राजीव रंजन की तैनाती कर दी गई है।
डॉ रेखा शर्मा के ट्रांसफर के बाद मिला चार्ज
आपको बता दें कि अब से करीब दो महीने पहले ही शाहजहांपुर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ रेखा शर्मा के गैर जनपद ट्रांसफर के बाद अस्पताल के डॉक्टर अशोक कुमार को महिला जिला अस्पताल का सीएमएस बनाया गया। ख़ास बात ये है कि डॉ रेखा शर्मा के ट्रांसफर के बाद अस्पताल के वरिष्ठ डॉ आलोक रंजन ने चार्ज लेने से इंकार कर दिया था। इसके बाद डॉ अशोक कुमार ने चार्ज हासिल करने के लिए तमाम तरह की जुगाड़बाजी की और और चार्ज हथियाने में कामयाब हो गए। लेकिन अस्पताल के पैरामेडिकल स्टाफ और साथी डॉक्टर्स का डॉ अशोक कुमार भरोसा हासिल नहीं कर सके। जिला अस्पताल आये दिन डॉ अशोक कुमार और स्टाफ के बीच तनातनी का माहौल बना रहता था।
Published on:
12 Jan 2018 09:51 am
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