28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गणतंत्र दिवस 2018: टूटता नजर आ रहा गांधी जी का सपना, देखें वीडियो

महात्मा गांधी ने खादी को अपनाया था। गणतंत्र दिवस 2018 के मौके पर गांधी जी का यह सपना टूटता नजर आ रहा है।  

2 min read
Google source verification
narendra modi

narendra modi

शाहजहांपुर। केन्द्र सरकार खादी उद्योग और खादी को बढ़ावा देने के लिए पूरी कोशिश में जुटी है। इसके विपरीत सूबे की सरकार खादी उद्योग को खत्म करने में जुटी है। आरोप है कि कमीशनखोरी के चलते सूबे में कम्बल खादी भण्डार के बजाए निजी कम्पनियों से खरीदे गए। कम्बलों को खादी भण्डार से खरीदे जाने का शासनादेश है। खरीदे गये कम्बल गरीबों को बांटे जाने थे। खास बात ये है कि इस सवाल पर उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना गोलमोल जवाब देते नजर आए। खादी भण्डार के कर्मचारी जिला प्रशासन के इस कदम से मायूस नजर आ रहे हैं। महात्मा गांधी ने खादी को अपनाया था। गणतंत्र दिवस 2018 के मौके पर गांधी जी का यह सपना टूटता नजर आ रहा है।

कम्बल खरीद में कमीशनखोरी का आरोप

खादी भण्डार के कर्मचारी जिला प्रशासन की कार्यशौली से नाराज हैं। जिला प्रशासन ने गरीबों के बांटे जाने वाला कम्बल खादी भण्डार से न खरीदकर एक प्राइवेट कम्पनी से खरीदे हैं। कर्मचारी स्वतंत्रदेव को आरोप है कि इसकी एवज में अधिकारियों ने मोटा कमीशन लिया है। शासनादेश के अनुसार कम्बलों की खरीद खादी भण्डार से की जानी थी। खादी भण्डार ने बाकायदा टेन्डर भी डाला था। कम्बल की बेहतर गुणवत्ता को देखते हुए एक कम्बल का रेट 460 रुपया रखा गया था। जिला प्रशासन ने विज्ञप्ति में पांच सौ रुपया तक की कीमत के कम्बल खरीद की बात की थी। आरोप है कि कमीशनखोरी के चलते जिला प्रशासन ने 25 लाख के कम्बल की खरीद एक निजी कम्पनी से कर ली। उनका कहना है कि शासन और प्रशासन की इस मनमानी से खादी उद्योग खत्म हो जाएगा। स्वतंत्रदेव ने यह भी कहा कि पहले हम खादी वालों को बहुत सम्मान दिया जात था। अब तो कोई पूछता तक नहीं है।

सुनिए, सुरेश कुमार खन्ना ने क्या कहा

खादी ग्रामोउद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमन्त्री ने लोगों से अपील की थी कि देश का हर नागरिक खादी से बनी चीजें जरूर खरीदे ताकि खादी उद्योग को बढ़ावा मिल सके।उत्तर प्रदेश में हुई कम्बल खरीद में खादी आश्रम मुंह ताकता रह गया। ऐसे में अगर कम्बल की खरीद खादी भण्डार से की जाती तो शायद दम तोड़ रहे इस उद्योग को एक बार फिर से जिन्दा किया जा सकता था। जिला प्रशासन ने खादी भण्डार को ठेंगा दिखा दिया। इस बावत जब सूबे के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना से सवाल किया गया तो वो तात्कालिक व्यवस्था बताते नजर आए।

बड़ी खबरें

View All

शाहजहांपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग