डायबिटीज का असर सीधे तौर पर मिठाई की दुकानों पर साफ़ दिखाई दे रहा है। मिठाई विक्रेता सील गुप्ता और अजय गुप्ता की मानें तो करीब एक दशक पहले होली के त्योहार पर मिठाई की मांग अब से कई गुना थी। मांग को देखते हुए करीब दो महीना पहले से तैयारी कर लेते थे। मिठाई कारीगर, दूध आदि के लिए पहले से ही एडवांस देकर होली पर मिठाई की कारीगरी के लिए बुक कर लेते थे। लेकिन जैसे जैसे समय बदल रहा है लोग रस्म अदायगी भर के लिए मिठाई की खरीददारी कर रहे हैं। जिन घरों में अब से पहले दो से चार किलो तक मिठाई जाती थी आज आधा किलो से ही लोग काम चला लेते हैं। माना जा रहा है कि घर में आने वाला मेहमान भी मिठाई से दूरी बनाता है तो वहीं खिलाने वाला भी उसी तरह मिठाई खिलाने से बचता दिखाई देता है।