
शाहजहांपुर। होली के त्योहार पर मिठाइयों की की दूकान पर सीधे तौर पर डायबिटीज का असर दिखाई दे रहा है तो वहीं नमकीन की दुकानों पर लोग दिल खोलकर खरीददारी करते दिखाई दे रहे हैं। जिसकी वजह से मिठाई दुकानदारों में मायूसी तो वहीं नमकीन विक्रेताओं की पौ बारह बनी हुई है।
मिठाई की घटा मांग
डायबिटीज का असर सीधे तौर पर मिठाई की दुकानों पर साफ़ दिखाई दे रहा है। मिठाई विक्रेता सील गुप्ता और अजय गुप्ता की मानें तो करीब एक दशक पहले होली के त्योहार पर मिठाई की मांग अब से कई गुना थी। मांग को देखते हुए करीब दो महीना पहले से तैयारी कर लेते थे। मिठाई कारीगर, दूध आदि के लिए पहले से ही एडवांस देकर होली पर मिठाई की कारीगरी के लिए बुक कर लेते थे। लेकिन जैसे जैसे समय बदल रहा है लोग रस्म अदायगी भर के लिए मिठाई की खरीददारी कर रहे हैं। जिन घरों में अब से पहले दो से चार किलो तक मिठाई जाती थी आज आधा किलो से ही लोग काम चला लेते हैं। माना जा रहा है कि घर में आने वाला मेहमान भी मिठाई से दूरी बनाता है तो वहीं खिलाने वाला भी उसी तरह मिठाई खिलाने से बचता दिखाई देता है।
नमकीन की बढ़ी मांग
वहीं दूसरी ओर मिठाई की दुकानों की अपेक्षा नमकीन की दुकानों पर ज्यादा भीड़ दिखाई देती है। कई दुकानदारों ने तो नमकीन की मांग को देखते हुए ग्राहकों को सुविधा देने के लिए लिस्ट लेकर पैकिंग देने की सुविधा देने शुरू कर दी है। आपको बता दें कि शाहजहांपुर में कई दुकानों पर तो ज्यादा भीड़ होने के चलते आस पास के रोड पर जाम की स्थिति पैदा हो गयी है।
क्या कहना है चिकित्सक का
वहीं जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ अनिलराज के अनुसार आज हर तीसरा व्यक्ति डायबिटीज की बीमारी का शिकार हैं। जिस तरह से लोग मिठाई खाने में पीछे हट रहे हैं तो वहीं मीठाई खिलाने वाले भी हाथ पीछे खींच लेते हैं। शायद यही वजह है कि आज नमकीन खाने वाली चीजों के लिए लोग ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं और मिठाई से दूरी बना रहे हैं।
Published on:
28 Feb 2018 06:44 pm
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