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35 हजार सैलरी वाले पटवारी ने मांगी 30 हजार रुपए रिश्वत

Bribe Audio Viral: पटवारी की रूकी हुई 35 हजार रुपए की सैलरी को रिलीज करने के एवज में तहसीलदार पर 30 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप..दोनों के बीच की बातचीत का कथित ऑडियो वायरल ।

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Bribe Audio Viral

मध्यप्रदेश में सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी का खेल किस कदर खेला जा रहा है इसका एक कथित ऑडियो सामने आया है। पत्रिका इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। ऑडियो शुजालपुर का है जहां तहसीलदार पर पटवारी से 30 हजार रूपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। हैरानी की बात ये है कि 35 हजार रूपए सैलरी वाले पटवारी की सैलरी रिलीज करने के एवज में तहसीलदार उससे 30 हजार रूपए की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।


सुनें कथित ऑडियो क्लिप..

कथित ऑडियो क्लिप में ये बातचीत रिकॉर्ड

जो कथित ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है वो शुजालपुर तहसीलदार नागेश पवार और पटवारी महेश परमार के बीच की बातचीत का बताया गया है। 1 मिनट 9 सेकंड की इस ऑडियो क्लिप में क्या बातचीत हुई है वो जानिए.

तहसीलदार: महेश तुम्हारे काम का क्या हुआ? 3 महीने हो गए।
पटवारी: सर करता हूं, एक दो दिन रुक जाओ।
तहसीलदार: 3 महीने रुक गया, पहले दे रहे थे जब मैंने मना किया। अब मैंने बोला तो तुम आराम कर रहे हो।
पटवारी: थोड़ा उसमें कर लो, बहुत ज्यादा है।
तहसीलदार: तुम तो पहले इससे ज्यादा दे रहे थे।
पटवारी: मुझे 35 तनख्वाह मिली, अब उसमें से 20 और 10 वहां पर खर्च हो गए, तो फिर 5 ही बचे।
तहसीलदार: कहां पर?
पटवारी: वो साइन करवाए न सर।
तहसीलदार: मुझसे बोलते, 10 हजार मांगे, तो क्यों दिए तुमने।
पटवारी: सर, अच्छा नहीं लगता न, इधर उधर बोलना।
तहसीलदार: इतना ओछा आदमी है क्या, मुझसे बोलना था, कि पैसे लगेंगे, तो मना कर देता उसी टाइम। मैं नहीं लेता साइन के पैसे, यहां बैठे 2 लोगों की सीआर लिख दी।
पटवारी: मैंने पूछा था, आपसे आपने पहले मना किया, अब थोड़ा उसमें कर लो ।
तहसीलदार: ठीक है, ले आना जितने हो।
पटवारी: मैं कल लाता हूं।
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ये बोले तहसीलदार और पटवारी

इस मामले पर शुजालपुर तहसीलदार नागेश पवार ने सफाई दी है उनका कहना है कि लेन देन की बात नहीं हुई है। पटवारी ने तोड़ मरोड़कर इसे पेश किया है। इतना ही नहीं उनका ये भी कहना है कि जिस पटवारी का ये ऑडियो है वो मई में रिलीव हो चुका है। वहीं पटवारी महेश परमार का कहना है कि रिश्वत के पैसे न दे पाने के कारण उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया जिसके कारण उसने अपना ट्रांसफर कालापीपल करा लिया। फेसबुक पर भी पटवारी ने अपनी दास्तान लिखते हुए खुद को आत्महत्या के लिए मजबूर होना बताया है।
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