
डॉक्टर को हम भगवान का नाम देते हैं। लेकिन ऐसे मामलों की कमी नहीं है जब इन डॉक्टर्स की लापरवाही से मरीजों की जान तक चली गई। संवेदनाओं को जार-जार मारता लापरवाही का एक ऐसा ही मामला शाजापुर में सामने आया है। यहां ट्रेन से गिरकर हादसे का शिकार हुए एक युवक की मौत सिर्फ इसलिए हो गई, क्योंकि डॉक्टर ने अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाने के बजाय लापरवाही से पूरी की। पूरा मामला जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान...
दरअसल शाजापुर जिले के बेरछा रेलवे स्टेशन के पास एक सड़क हादसे में एक शख्स घायल हो गया। घायल को बेरछा स्टेशन पर प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में मलहम-पट्टी आदि करने के बाद घायल व्यक्ति को सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन इस दौरान डॉक्टर ने जो किया वो खौफजदा करने वाला वाकया बन गया।
जिला अस्पताल में भर्ती तो किया, लेकिन नहीं दिया ध्यान
जिला अस्पताल रेफर किए गए शख्स को डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर भर्ती कर लिया। इसके बाद घायल की स्थिति बेहतर होने के बजाय और बिगड़ गई। नर्स के बुलाने पर डॉक्टर ड्यूटी पर पहुंचे। तब तक मरीज का सांस उखडऩे लगा था। डॉक्टर ने पल्स ऑक्सीमीटर और जरूरी इंजेक्शन मांगे। लेकिन कोई भी चीज नहीं मिल सकी। दूसरे वार्ड से ऑक्सीमीटर आया, लेकिन इंजेक्शन तब भी नहीं मिला।
लगा दिया खाली ऑक्सीजन सिलेंडर
सर्जिकल वार्ड में मरीज गंभीर हालत में था, इस दौरान उसे ऑक्सीजन लगाने की जरूरत पड़ी, डॉक्टर ने ऑक्सीजन का सिलेंडर लगाया, लेकिन इस दौरान इतनी गंभीर लापरवाही बरती कि यह तक नहीं देखा कि सिलेंडर में ऑक्सीजन है भी या नहीं...। जबकि वह ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था। एक घंटे तक बिना ऑक्सीजन के तड़पते-तड़पते उस शख्स ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रबंधन की यही लापरवाही शख्स की मौत बनकर आई।
यहां पढ़ें पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम राधेश्याम गुप्ता (उम्र 40 साल) वह छतरपुर का रहने वाला था। राधेश्याम गुप्ता उज्जैन से महाकाल दर्शन कर घर लौट रहे थे। वे उज्जैन से छतरपुर जाने के लिए सुबह करीब 11 बजे ट्रेन में बैठे थे। राध्येश्याम को छतरपुर जाना था। इसी बीच, दोपहर करीब एक बजे बेरछा स्टेशन पर राधेश्याम पानी भरने के लिए उतरे। ट्रेन चलने लगी तो दौड़ते हुए ट्रेन में चढऩे के दौरान राधेश्याम का पैर फिसल गया और वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गए। स्टेशन पर प्राथमिक उपचार के बाद एम्बुलेंस से घायल राधेश्याम को बेरछा से जिला अस्पताल लाया गया।
एक घंटा देरी से पहुंचे थे डॉक्टर
मामला यह भी सामने आया है कि ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ डॉक्टर नवीन झाला मरीज की सूचना मिलने के बाद भी एक घंटा देरी से अस्पताल पहुंचे थे। तब तक राधेश्याम की मौत हो चुकी थी। इस मामले में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। उनका कहना सिर्फ इतना था कि हमने कोशिश की लेकिन जान नहीं बचा पाए।
Published on:
26 Sept 2023 03:50 pm

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