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यहां 24 घंटे तीर्थ यात्रियो को मिल रहा भोजन और आराम

बाबा रामदेव सेवा समिति करती है यात्रियों की सेवा

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यहां 24 घंटे तीर्थ यात्रियो को मिल रहा भोजन और आराम

शाजापुर.

भादव माह की बीज (दूज) को बाबा रामदेव महाराज का जन्मोत्सव रुनिझा राजस्थान में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान रुनिझा में एक माह पहले से ही मेले का आयोजन किया जाता है। रामदेव महाराज का जन्मोत्सव देश के अलग-अलग प्रांतो में उनके भक्त भी मनाते है। इसी क्रम में शाजापुर में बाबा रामदेव सेवा समिति की ओर से रामदेवरा जाने वाले तीर्थ यात्रियों सहित अन्य धार्मिक यात्राओं पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए 31 दिवसीय अन्नक्षेत्र का आयोजन पिछले 4 साल से किया जा रहा है। इस बार भी समिति ने 31 दिवसीय अन्नक्षेत्र के साथ ही तीर्थ यात्रियों के रुकने, विश्राम सहित अन्य सुविधाएं भी की है।

शहर के मध्य से निकले हाइवे से दुपाड़ा रोड चौराहा के पास ही 11 अगस्त से शुरू हुआ अन्नक्षेत्र भादव माह की बीज (11 सितंबर) तक चलेगा। यहां पर 24 घंटे यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है। प्रतिदिन अन्नक्षेत्र में सैकड़ों यात्री भोजन प्रसादी ग्रहण करते है। वहीं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले यात्री यहां पर विश्राम के साथ ही अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती है। लगातार 4थे वर्ष आयोजित इस अन्नक्षेत्र में भोजन प्रसादी के साथ ही रात के समय भजन संध्या का आयोजन स्थानीय सहित आसपास के क्षेत्र के कलाकारों द्वारा किया जाता है। यात्रियों की चिकित्सा सुविधा के लिए यहां पर एक प्रायवेट कंपाउंडर की व्यवस्था भी समिति की ओर से की गई है। तीर्थ यात्रियों सहित गरीब वर्ग के लोग भी अन्नक्षेत्र में भरपेट भोजन करते है।

समिति सदस्य मिलकर उठाते हैं खर्च
31 दिन तक चलने वाले इस अन्नक्षेत्र का संपूर्ण खर्च समिति के सदस्य मिलकर उठाते है। कई लोग यहां पर स्वैच्छा से भी दान देकर जाते है। सेवा समिति में ग्राम पंचायतों के सरपंच, पटवारी, शिक्षकों सहित गणमान्य व समाजसेवी भी शामिल है। समिति सदस्यों के अनुसार इस बार स्वैच्छिक दानदाताओं ने जमकर दान दिया है। ऐसें में 11 सितंबर तक चलने वाले इस अन्नक्षेत्र के समापन के बाद दानदाताओं की सामग्री बच जाती है तो संबंधितों को लौटाकर अगले वर्ष पहले ही सहयोग करने के लिए आग्रह किया जाएगा। समिति सदस्यों ने बताया कि ऐसे कई भक्त जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है उनकी नि:शुल्क यात्रा के लिए व्यवस्था भी समिति की ओर से की जाती है।