
मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब उज्जैन से आई लोकायुक्त पुलिस ने सहकारिता विभाग के एक बड़े अधिकारी को 1 लाख 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी आरसी जरिया सहकारिता विभाग में सहायक उपायुक्त के पद पर कार्यरत है। शाजापुर किला परिसर स्थित उसी के कार्यालय में धरदबोचा। इस कार्रवाई के बाद सहायक उपायुक्त के होश उड़ गए थे। वो काफी देर तक सभी को गुस्से में देखता रहा।
आरसी जरिया पर आरोप है कि उसने 5 समिति प्रबंधकों से रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत लोकायुक्त को कर दी थी। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद लोकायुक्त ने आरसी जरिया को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी आरसी जरिया को उसी के दफ्तर में पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी आरसी जरिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त के उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक, उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान, इसरार, लोकेश, शिवकुमार शर्मा, रमेश डाबर, श्याम शर्मा, पांच साक्षी सहित 12 सदस्यीय दल शामिल था।
1 दासताखेड़ी से 50,000
2. गोदना समिति से 16,000
3. केवड़ा खेड़ी समिति से 21,000
4. मंगलाज समिति से 9,000
5. नोलाय समिति से 19000
कुल 115000/- रिश्वत
लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक के मुताबिक हरिदास वैष्णव ने शिकायत की थी कि सहायक आयुक्त आरसी जरिया कृषि उपज के उपार्जन करने वाली समिति प्रबंधकों से प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहे थे। पांच समितियों द्वारा उपार्जित किए गए गेहूं के हिसाब से 1 लाख 15 हजार की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
Updated on:
02 May 2024 03:53 pm
Published on:
02 May 2024 03:50 pm
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