
Shajapur Assembly Election Result Live Update: प्रदेश की शाजापुर विधान सभा सीट से बीजेपी ने एक बार फिर अरुण भीमावत पर विश्वास जताया और अरुण भीमावत बीजेपी की उम्मीदों पर खरे उतरे। तो उधर कांग्रेस के चर्चित चेहरा रहे हुकुमसिंह कराड़ा को हार का सामना करना पड़ा। मध्यप्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सीट मानी जाने वाली शाजापुर विधान सभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस में मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। अरुण भीमावत केवल 7 वोटों के अंतर से चुनाव जीते।
शाजापुर विधानसभा सीट मध्य प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, यहां 2018 में आईएनसी ने जीत दर्ज कराई थी। देवास जिले में स्थित शाजापुर विधानसभा सीट एक अनारक्षित विधान सभा क्षेत्र है। वहीं यह संसदीय क्षेत्र भी है। इस संसदीय क्षेत्र से महेंद्र सोलंकी सांसद हैं, जो बीजेपी से हैं। उन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रहलाद सिंह टिपानिया को 372249 से हराया था। शाजापुर में करीब 2 लाख मतदाता हैं। शाजापुर में बीता चुनाव भले ही बीजेपी जीती हो, लेकिन कभी ये सीट कांग्रेस का गढ़ थी। कांग्रेस के हुकुम सिंह कराड़ा यहां से लगातार 25 साल तक विधायक रहे। बीजेपी के अरुण भीमावद ने 2013 के चुनाव में कांग्रेस नेता हुकुम सिंह कराड़ा को हराया था। अरुण भीमावद को 76911 वोट मिले थे तो, वहीं कांग्रेस के हुकुम सिंह को 74973 वोट मिले थे।
वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में, यानी पिछले विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर कुल 221139 मतदाता थे और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कराड़ा हुकुम सिंह को 89940 वोट देकर जीत हासिल की थी। जबकि बीजेपी उम्मीदवार अरुण भीमावद को 44961 वोट मिले। वे 44979 वोटों से चुनाव हार गए थे। यहां पढ़ें इस सीट का इतिहास इससे पहले, साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में शाजापुर विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार अरुण भीमावद ने जीत हासिल की थी। अरुण भीमावद को 76911 मतदाताओं का समर्थन मिला था। विधानसभा चुनाव 2013 के दौरान इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार कराड़ा हुकुम सिंह को 74973 वोट मिल पाए थे। वे 1938 वोटों के अंतर से दूसरे पायदान पर रहे थे। इसी तरह, विधानसभा चुनाव 2008 में शाजापुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार कराड़ा हुकुम सिंह को कुल 68565 वोट हासिल हुए थे और वे विधानसभा पहुंचे थे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी जे. पी. मंडलोई दूसरे पायदान पर रह गए थे। क्योंकि उन्हें 58903 वोटरों का ही समर्थन मिल पाया था। वे 9662 वोटों से चुनाव हार गए थे।
Updated on:
03 Dec 2023 05:29 pm
Published on:
03 Dec 2023 03:10 pm

