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छात्रों को आत्मघाती कदम उठाने से रोकेंगे शिक्षक

बोर्ड परीक्षा का समय नजदीक आते ही विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग अलर्ट हो गया है।

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शाजापुर. बोर्ड परीक्षा का समय नजदीक आते ही विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्कूल शिक्षा विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से दूर रखने के लिए हर साल काउंसिलिंग करने का निर्णय लिया है।

इसके पीछे विभाग का उद्देश्य खराब परिणाम आने या अन्य समस्या होने पर विद्यार्थियों को आत्मघाती कदम उठाने से रोकना है। इसके लिए गठित विधानसभा समिति ने अपनी सिफारिश दी है। लोक शिक्षण आयुक्त ने कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी को इसे तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि 10वीं-12वीं की परीक्षा के दौरान पेपर अच्छा नहीं जाने और उसके बाद परिणाम खराब आने से विद्यार्थी निराश हो जाते हैं। इस हताशा में वे कई बार आत्मघाती कदम भी उठा लेते हैं। शिक्षा सत्र 2016-17 के परीक्षा परिणाम आने पर प्रदेश में विद्यार्थियों के आत्महत्या करने का आंकड़ा 20 से ज्यादा तक पहुंच गया था। ऐसे में आत्महत्या को रोकने के लिए अभी से उपाय किए जा रहे हैं।

30 विद्यार्थी पर एक शिक्षक होगा तैनात
उक्त योजना के तहत प्रत्येक स्कूल में अध्ययनरत 30 विद्यार्थी पर एक शिक्षक को अभिभावक बनाया जाएगा। ये शिक्षक विद्यार्थियों से लगातार बातचीत करते रहेंगे। परीक्षा में आए अंक व अन्य समस्याओं पर बात करेंगे। साथ ही बच्चें के परिजन के संपर्क में भी रहेंगे। बच्चें के व्यवहार में बदलाव दिखते ही काउंसिलिंग अथवा मनोवैज्ञानिक के सहयोग से मदद करेंगे।

स्कूलों में नियुक्त होंगे काउंसलर
इस योजना के तहत निजी व सरकारी स्कूल में काउंसलर नियुक्ति किए जाएंगे। इनके फोन नंबर सभी विद्यार्थियों को देकर सातों दिन 24 घंटे सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। स्कूल व उच्च शिक्षा में विषयों व पाठ्यक्रम चयन के लिए विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की जाएगी। उनकी रुचि व योग्यता परखी जाएगी। यह काम विवेकानंद कॅरियर गाइडेंस एवं स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से होगा।

जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में उक्त योजना के लिए समिति बनाई जाएगी। इसमें वरिष्ठ नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि व पालकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति स्वस्थ स्पर्धा के लिए कार्य करेगी। विद्यार्थियों की समस्या सुलझाएगी। परीक्षा मिले अंकों व अन्य गतिविधियों का मूल्यांकन करेगी व प्राविण्य सूची बनाएगी।
कैलाशसिंह राजपूत, डीईओ