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शामली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर जिले में धारा 144 का उल्लंघन कर लोगों को हिंसा और आगजनी के लिए उकसाने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा भड़काने के आरोप में यह चारों आरोपियों के नाम सामने आये थे। इसके साथ ही चारों हिंसा के बाद से ही वांछित चल रहे थे। आशंका जाहिर की जा रही है कि इन लोगों के तार (PFI) पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े हैं। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टी नहीं हो सकी है। पुलिस समेत अन्य एजेसियां इसकी जांच पड़ताल में जुटी है।
भीड़ को उकसाने के आरोप में पुलिस ने वांछित चल रहे आरोपियों को किया गिरफ्तार
दरअसल (CAA) सीएए और (NRC) एनआरसी को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए 19 दिसंबर को जिले में धारा-144 लगाई गई थी। इसके बावजूद कुछ युवकों द्वारा लोगों को उकसाकर भारी संख्या में एकत्र किया गया। जिसके बाद विरोध प्रदर्शन और माहौल को बिगाडऩे के लिहाज से नारेबाजी और पोस्टर बांटे गये। इस मामले में हिंसा भड़काने के बाद पुलिस ने लोगों को चिन्हीत कर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। इतना ही नहीं सम्प्रदायिक सौहार्द और तनाव बढ़ता देख पुलिस को जिले में इंटरनेट तक बंद करना पड़ा था। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ हिंसा भड़काने व उकसाने समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
भड़काने और उकसाने के आरोप में चार लोगों को किया गिरफ्तार
इसी कड़ी में पुलिस ने जिले में धारा-144 लागू होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन करने और लोगों को भड़काने के आरोप में वांछित चल रहे चारों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान अकबर पुत्र शरीफ निवासी कैराना, मौहम्मद फैसल निवासी कोटा राजस्थान, नौशाद और ताहिर निवासी शामली के रूप में हुई है।
पुलिस ने क्या कहा
वही इस संंबंध में डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि 19 दिसंबर को धारा-144 लगने के बावजदू कुछ युवकों ने लोगों को भड़काने व सम्प्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे का काम किया था। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें वांछित चल रहे चार आरोपियों को कैराना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं शामली एसपी विनीत जयसवाल ने बताया कि 19 दिसंबर के हिंसा मुकदमें में वांछित चल रहे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से कई पेम्पलेट भी बरामद हुए है। इसके साथ ही आरोपी खुद को सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया कार्यकर्ता बता रहे हैं। जो पीएफआइ का ही एक राजनीतिक संगठन है।
Published on:
24 Dec 2019 04:31 pm
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