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Shamli: इस तरह बनाए जा रहे हैं फर्जी आयुष्‍मान कार्ड- Video

Highlights फर्जी Ayushman Card बनाने वाले दो युवक गिरफ्तार 1000 रुपये में बनाते थे फर्जी आयुष्‍मान कार्ड गिरोह के दो सदस्‍य पुलिस की पकड़ से बाहर

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शामली। जनपद की बाबरी पुलिस (Police) ने फर्जी आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) बनाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फर्जीवाड़े में इस्तेमाल लैपटॉप भी बरामद किया गया है। गिरोह के दो सदस्य अभी फरार बताए जा रहे हैं। आरोपियों पर गांव आदमपुर के ग्रामीणों के फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के आरोप हैं।

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29 January को सामने आया था मामला

थाना बाबरी के गांव आदमपुर में 29 जनवरी (January) को फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने का मामला सामने आया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीएमओ के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। इसमें पता चला कि आयुष्मान कार्ड फर्जी हैं। इस बारे में थाना बाबरी (Babri Thana) में गांव आदमपुर के रहने वाले निवासी विवेकानंद जायसवाल ने तहरीर भी दी थी। इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल शुरू करते हुए आरोपियों की तलाश में जुट गई। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार रात को कैराना (Kairana) के ऊंचा गांव निवासी कन्हैयालाल और जोगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। बाबरी पुलिस ने आरोपियों को मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) रोड से गिरफ्तार किया है। उनके पास से फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने में इस्‍तेमाल किया गया लैपटॉप भी मिला है। गिरोह के दो अन्य सदस्य अमित और रमन फरार बताए जा रहे हैं।

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ऐसे करते थे गड़बड़ी

एसपी शामली (Shamli SP) विनीत जयसवाल का कहना है कि थाना बाबरी में 29 जनवरी को फर्जी आयुष्‍मान कार्ड बनाने की सूचना मिली थी। सीएमओ शामली की जांच में ये आयुष्‍मान कार्ड फर्जी पाए गए। इस बारे में 30 जनवरी को बाबरी थाने में केस दर्ज हुआ था। कन्‍हैया लाल बीकॉम पास है जबकि जोगेंद्र ने दसवीं पास करके आईटीआई किया है। पूछताछ में आरोपियों ने तीन-चार गांवों में फर्जी आयुष्‍मान कार्ड बनाना कबूल किया है। एक आयुष्‍मान कार्ड बनाने के लिए 1000 रुपये लेते थे। ये असली आयुष्‍मान कार्ड पर नाम और फोटो बदलकर फर्जी कार्ड बना देते थे।