3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP के कूनो में बड़ी खोज, मिले 10 हजार साल पुराने शैलचित्र

Kuno Wildlife Sanctuary: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के अंतर्गत कूनो अभयारण्य में पुराकला विशेषज्ञों ने 10 हजार साल पुराने शैलचित्र (पेट्रोग्लिफ्स) खोजे हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
10000 years petroglyphs found in Kuno Wildlife Sanctuary of sheopur in mp

Kuno Wildlife Sanctuary: मध्य प्रदेश के श्योपुर के कूनो अभयारण्य (Kuno Wildlife Sanctuary) में प्राचीनतम मानव सभ्यता के प्रमाण मिले हैं। यहां कप मार्क्स के रूप में बने अति प्राचीन पेट्रोग्लिफ्स (शैलचित्र) की महत्वपूर्ण खोज की गई है। प्रोफेसर गिरिराज कुमार, वरिष्ठ पुराकला विशेषज्ञ एवं रॉक आर्ट सोसाइटी के अध्यक्ष, ने इनके 10,000 वर्ष पुराने होने का दावा किया है।

कप मार्क्स चट्टानों पर हथौड़े के माध्यम से बनाए गए गोल निशान होते हैं, जो प्रागैतिहासिक मानव की गतिविधियों के संकेतक हैं। इस महत्वपूर्ण खोज में करीब 20 ऐसी चट्टानें मिली हैं, जिन पर ये पेट्रोग्लिफ्स उकेरे गए हैं।

यह भी पढ़े- गलत सर्जरी पर रोबोट ने किया आगाह, 24 घंटे में चलने लगा मरीज

भानपुरा और चंबल क्षेत्र में प्राचीन विरासत

प्रोफेसर गिरिराज कुमार ने इससे पहले भी मंदसौर जिले के भानपुरा और चंबल क्षेत्र में पुरातात्विक अध्ययन किए हैं। उन्होंने इंदरगढ़ की पहाड़ियों में स्थित दर की चट्टानों का वैज्ञानिक अध्ययन भारतीय और विदेशी विद्वानों के सहयोग से किया। शोध के अनुसार, दर की चट्टानें लाखों वर्ष पुरानी हैं और विश्व में सबसे प्राचीन पेट्रोग्लिफ्स इनमें मौजूद हैं।

यह भी पढ़े- खुशखबरी: एमपी में होली पर चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, ये होंगे इनके रूट

खोजकर्ता रवि विक्रम टेलर की अहम भूमिका

भानपुरा निवासी रवि विक्रम टेलर इस खोज के प्रमुख अन्वेषक हैं। वे प्रो. गिरिराज कुमार के साथ लगभग 25 वर्षों से कार्य कर रहे हैं और आर्ट ऑफ सोसाइटी इंडिया के आजीवन सदस्य हैं। इससे पहले रवि ने रामपुरा के पास आमद और झालावाड़ के भीमसागर डैम की पहाड़ियों पर पेट्रोग्लिफ्स खोजे थे।

Big discovery in Kuno of MP, 10000 years old rock paintings found

Story Loader