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श्योपुर में 3 बहनें डूबीं, तो ओंकारेश्वर में पिता ने ‘वंश’को खो दिया

श्योपुर में 3 बेटियों की मौत, तो बनारस से ओंकारेश्वर दर्शन करने आए पिता ने पुत्र को खो दिया

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श्योपुर। प्रदेश के दो जिलों में शनिवार का दिन पानी से जुड़ी दुर्घटनाओं को लेकर आया, जिसके चलते इन घटनाओं में आठ साल के बच्चे सहित 4 की मौत हो गई। पहली घटना जहां श्योपुर की है, वहीं दूसरी घटना ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर हुई।

श्योपुर में जहां सीप नदी में नहाने शनिवार को चार बहनें पैर फिसलने के चलते डूबने लगीं। ऐसे में उनमें से एक को युवकों ने बचा लिया, लेकिन तीन की मौत हो गई। करीब साढ़े तीन घंटे रेस्क्यू के बाद शव निकाले गए। मयापुर हनुमानखेड़ा निवासी पप्पू बैरवा की बेटी आरती (21), छोटी बहन रीना (13), भागचंद की बेटी ललिता (14), फोटूराम की बेटी रानी (10) नहाने गई थीं।

ललिता और रानी पप्पू के भाई की बच्चियां थीं। नदी का जल स्तर बढ़ा तो एक बच्ची का पैर फिसल गया और डूबने लगी। बचाने के फेर में अन्य तीन बहनें भी पानी में चली गईं। ग्रामीण आरती को ही बचा पाए।

वहीं दूसरी घटना में बनारस से ओंकारेश्वर दर्शन करने आए पिता-पुत्र शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे ब्रह्मपुरी घाट में डूब गए। हादसे में आठ साल के बच्चे वंश की मौत हो गई। पिता प्रमो सिंह को नाविकों ने बचा लिया।

श्योपुर घटना: इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम के साथ ग्रामीणाकी मदद से तीन शव निकाले जा सके। गनीमत रही कि 21 वर्षीय आरती को नदी किनारे मवेशी चरा रहे चरवाहों ने बचा लिया। प्रशासन ने मृतक बच्चियों के परिजनों को 5-5 हजार रुपए अंत्येष्टि सहायता देने के साथ ही आरबीसी-6 योजना के तहत 4-4 लाख रुपए के प्रकरण स्वीकृत कर दिए।

हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा एसडीएम लोकेन्द्र सरल, जिला पंचायत कराहल सीइओ अभिषेक त्रिवेदी समेत अन्य अधिकारी भी रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद थे। रेस्क्यू टीम घटना की जानकारी लगने के करीब तीन मिनट बाद भी हनुमानखेड़ा पहुंच गइ्र थी।

टीम ने करीब 1.30 बजे ललिता के शव को निकाल लिया। इसके बाद लगातार रेस्क्यू चला। करीब 4 बजकर 20 मिनट पर रीना और फिर रानी का शव भी मिल गया। शव मिलने के बाद पीएम के लिए जिला अस्पताल लेकर पुलिस पहुंची।

शनिवार की दोपहर चार बहनें नहाने के लिए सीप नदी पहुंची थी। नदी में अचानक जलस्तर बढऩे से नहाने उतरीं रानी और रीना डूबने लगीं। तब पास नहा रही ललिता ने बचाने के लिए हाथ बढ़ाया तो वह भी डूबने लगी। ऐसे में 21 वर्षीय आरती ने बहनों को बचाने का प्रयास किया तो वह भी डूबने लगी। आरती ने मदद के लिए आवाज लगाई तो नदी किनारे मवेशी चरा रहे मानसिंह पुत्र बेनीलाल, सत्यवीर और लोकेंद्र ने सुन ली और नदी में कूदकर आरती को बचा लिया। आरती ने बताया कि उसकी बहनें डूब गई हैं तो युवकों ने गांव में आकर सूचना दी।

बस्ती में पसर गया मातम
एक साथ गांव की तीन बेटियों के डूबने की जानकारी लगते ही गांव की बैरवा बस्ती में मातम पसर गया है। हर कोई यही कह रहा था कि अभी कुछ देख पहले ही हंसती-खेलती नदी की तरफ यह कहकर गई थीं कि नहाकर आ रहे हैं। लेकिन कुछ ही देर बाद ही उनके मरने की खबर आ गई।

सीप नदी में नहाने के दौरान तीन चचेरी बहनों की डूबने से मौत हो गई है। एक किशोरी को ग्रामीणों ने बचा लिया था। पीएम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
- भारतसिंह गुर्जर, थाना प्रभारी देहात