
जयसिंह गुर्जर
श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क (kuno national park) में बसाए जा रहे अफ्रीकी चीतों (cheetahs ) की सुरक्षा के लिए भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिसमें चीतों के बाड़े की सुरक्षा और मॉनिटनिंग के लिए मैदानी अमले के साथ ही आधुनिक तकनीक भी प्रयोग की जा रही है। यही वजह है कि रात में भी देख सकने वाले विशेष कैमरे (ptz camera) लगाए गए हैं, जिनकी दिन के समय दो किमी तक की रैंज है, लेकिन रात के अंधेरे में भी 1 किलोमीटर तक के साफ फोटो कैप्चर कर लेगा।
विशेष बात यह है कि ये कैमरे वायरलेस आइपी पीटीजेड कैमरा मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस हैं। जो 5 वर्ग किलोमीटर के बाड़े के चार कोनों पर लगा दिए हैं। यही नहीं विशेष कैमरों के साथ ही चीतों की सुरक्षा और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से भी निगरानी होगी। इसके लिए 2 ड्रोन कैमरे रखे गए हैं। 100 मीटर तक की ऊंचाई में उड़ने वाले इस ड्रोन कैमरे से भी 2 किलोमीटर की दूरी तक की रैंज में स्पष्ट फोटो और वीडियो कैप्चर किए जा सकेंगे।
24 घंटे चालू रहेंगे कैमरे
लगभग 5 वर्ग किलोमीटर के बाड़े में चीतों की सुरक्षा, दूसरे वन्यजीवों के मूवमेंट और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वायरलेस-आइपी(इंटरनेट प्रोटोकॉल) पीटीजेड(पेन-टिल्ट-जूम) कैमरा मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ लगाए गए चारों विशेष कैमरे 24 घंटे चालू रहेंगे। इसका कंट्रोल रूम पालपुर स्थित रेस्टहाउस में रहेगा।
360 डिग्री कोण पर ऑटोमेटिक घूमेगा कैमरा
बाड़े में लगाए गए ये कैमरे हाइडेफिनेशन क्वालिटी के हैं, जो 360 डिग्री कोण में ऑटोमेटिक घूमेंगे। इनकी रैंज 2 किलोमीटर तक की है, जिससे 2 किमी दूर तक की इंसानी और वन्यजीव की गतिविधि पर फोकस फोटो कैप्चर हो जाएगी। यही नहीं रात के घनघोर अंधेरे में भी ये कैमरा काम करेगा और जिस अंधेरे में आम इंसान थोड़ी दूर तक भी कुछ नहीं देख पाता, वहां ये कैमरा 1 किमी तक की रैंज में स्पष्ट ब्लैक एंड व्हाइट फोटो कैप्चर कर लेगा। जिसमें संबंधित इंसान या वन्यजीव की पहचान हो जाएगी।
चीतों के बाड़े और इसके आसपास निगरानी रखने के लिए 360 डिग्री पर घूमने वाले विशेष कैमरे लगाए गए हैं। इनकी रैंज 2 किमी तक की है, जबकि रात के अंधेरे में भी 800 मीटर से 1 किमी की रैंज तक ये काम करेंगे।
-पीके वर्मा, डीएफओ, कूनो नेशनल पार्क श्योपुर
हेलीपेड स्थित बाड़े के मुख्य द्वार से प्रवेश करेंगे पीएम
कूनो नेशनल पार्क में चीतों को बसाने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (pm narendra modi) द्वारा बाड़े में चीता छोडऩे के स्थान पर पार्क प्रबंधन ने स्ट्रेक्चर तैयार कर लिया है। हेलीपेड से 300 मीटर की दूर स्थित बाड़े के मुख्य द्वार से पीएम बाड़े में प्रवेश करेंगे और बनाए गए स्ट्रेक्चर तक पहुंचेंगे। इसके बाद स्ट्रेक्चर पर खड़े होकर प्रधानमंत्री हैंडल घुमाकर चीते को बाड़े में आजाद करेंगे। अफसरों का कहना है कि पीएम प्रोटोकॉल के तहत तैयारी की जा रही है। नामीबिया से आने वाले चीतों को पार्क में बेहतर वातावरण मिले इसके लिए हरी घास लगाने के साथ झोंपड़ी भी बनाई गई हैं जिससे चीते गर्मी से बच सकें।
Updated on:
10 Sept 2022 02:52 pm
Published on:
10 Sept 2022 02:49 pm
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