
MP education department: शिक्षा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। जल्द ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पदनाम बदल दिए जाएंगे, जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नए बदलाव के तहत संकुल स्तर के प्रत्येक एरिया में एक एरिया एजुकेशन ऑफिसर (AEO) की नियुक्ति होगी। इसके साथ ही ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) का पदनाम बदलकर सहायक संचालक कर दिया जाएगा और ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) का पद पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग इस बदलाव को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
हालांकि, एईओ पद के लिए विभागीय परीक्षा बारह साल पहले आयोजित की गई थी और उसकी मेरिट लिस्ट सात साल पहले जारी कर दी गई थी। लेकिन विभागीय अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि एक अप्रैल 2025 से पहले मेरिट सूची के आधार पर एईओ पदों पर नियुक्ति की जाए। लेकिन स्थिति यह है कि मेरिट सूची में आए कई शिक्षक या तो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या फिर स्थानांतरण के कारण अन्य स्थानों पर जा चुके हैं। इसी वजह से विभाग को देरी हो रही है।
फिर भी, लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा यह तय कर लिया गया है कि एक अप्रैल 2025 से शिक्षा अधिकारियों के नए पदनाम के अनुसार उन्हें जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। विभागीय स्तर पर यह प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया था। अब, शिक्षा विभाग आयुक्त के आदेश के बाद प्रदेश के सभी जिलों में विकासखंड के अंतर्गत एरिया एजुकेशन ऑफिसर के पद सृजित कर दिए गए हैं।
विजयपुर विकासखंड के अंतर्गत कुल नौ एरिया बनाए गए हैं, जिनमें एक अप्रैल से नौ एरिया एजुकेशन ऑफिसर (AEO) कार्यभार संभालेंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इन पदों पर नियुक्ति विभागीय परीक्षा से मेरिट के आधार पर होगी या वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संकुल प्राचार्य को ही एईओ का प्रभार सौंप दिया जाएगा। इसकी स्थिति एक अप्रैल को ही स्पष्ट हो पाएगी, लेकिन विभागीय स्तर पर इसकी तैयारियां जोरों पर हैं।
अगर एक अप्रैल से शिक्षा विभाग द्वारा नए पदनामों की नीति लागू कर दी जाती है, तो तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संकुल प्राचार्य को ही एईओ का प्रभार सौंपा जा सकता है। विजयपुर विकासखंड में एरिया एजुकेशन ऑफिस के क्षेत्र परिसीमन को पूरा कर लिया गया है, जिसमें अब संकुल प्राचार्य की जगह एईओ पदभार संभालेंगे।
बारह साल पहले शिक्षा विभाग ने एईओ पद के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा परिणाम चार साल बाद घोषित हुआ, लेकिन इसके बावजूद मेरिट सूची को आठ वर्षों तक लागू नहीं किया गया। इस दौरान मेरिट सूची में शामिल कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए, जिससे विभाग को अब नई मेरिट सूची तैयार करने में परेशानी हो रही है।
इस बदलाव को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्गका कहना है,
'यह सही है कि पदनाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विद्यालय परिसीमन जैसी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और एरिया तय कर दिए गए हैं। लेकिन यह व्यवस्था कब से लागू होगी, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी हमारे पास नहीं है। विभागीय स्तर पर इसकी चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन अभी हमें इस संबंध में कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।'
नए पदनाम लागू होने के बाद ब्लॉक रिसोर्स को ऑर्डिनेटर (BRC) का पद पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। बीआरसी का कार्यक्षेत्र अब एईओ के अधीन आ जाएगा, जिससे यह पद निरर्थक हो जाएगा। इसी तरह जिला परियोजना समन्वयक (DPC) का पद भी समाप्त किया जा सकता है।
शिक्षा विभाग के इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सुधार और कार्यों की दक्षता बढ़ाना है। इससे शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी और कार्यों का विकेंद्रीकरण संभव हो पाएगा। हालांकि, इस नई व्यवस्था का पूरी तरह से क्रियान्वयन एक अप्रैल के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
Published on:
20 Mar 2025 02:46 pm
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