
श्योपुर। बीते चार माह से बड़े बाड़े रह रहे नामीबियाई चीते अब जल्द ही खुले जंगल में भी रफ्तार भरते नजर आएंगे। अगले सप्ताह दो नर चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञ अभी परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेंगे, लेकिन बताया जा रहा है कि तीन नर चीतों में से पहले दो भाई नर चीतों को छोडऩेे की संभावना है। नर चीतों के खुले जंगल में छोडऩेे के बाद फिर मादा चीतों की बारी आएगी।
बता दें कि पिछले साल 17 सितंबर को नामीबिया से लाए गए 8 चीते (3 नर व 5 मादा) अभी बड़े बाड़े के अलग-अलग कंपार्टमेंट में रह रहे हैं। लगभग चार माह से ये बाड़े में हैं। इस कारण अब इन्हें कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में छोडऩेे की तैयारी की जा रही है।
ज्ञात हो कि अभी कुछ ही समय पहले दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) लाए गए। 12 चीतों में सात नर और पांच मादा ने 60 घण्टे भूखे रहने के बाद भारत में अपना पहला भोजन (Meal) लिया था। बता दें कि इन 12 सदस्यों के जुड़ने के बाद भारत के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या अब 20 हो गई।
ज्ञात हो कि भारत से चीतों के विलुप्त होने के सात दशक बाद चंद दिनों पहले ही यानि 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका के 12 चीतों को नामीबिया से पूर्व में आए चीतों के कुनबे में शामिल किया गया। बता दें कि चीतों का अंतर-महाद्वीपीय स्थानान्तरण भारत सरकार के महत्वाकांक्षी परियोजना चीता पुनर्वास (प्रोजेक्ट चीता) कार्यक्रम का हिस्सा है। यह इस जानवर के भारत में विलुप्त होने के सात दशक बाद एक बार फिर से देश में बसाने का प्रोजेक्ट है। देश के आखिरी चीते की मृत्यु वर्तमान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 1947 में हुई थी। इस प्रजाति को भारत में 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था।
Published on:
26 Feb 2023 01:07 am
बड़ी खबरें
View Allश्योपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
