
शिवपुरी. शहर के एक मैरिज गार्डन में मंगलवार की रात आयोजित हुए एक विवाह समारोह में बने पकवान खाकर आधा सैकड़ा लोगों को फूड पॉइजनिंग हो गई। इनमें से करीब डेढ़ दर्जन लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया तथा शहर के प्रायवेट डॉक्टर्स के यहां भी कई लोग इलाज कराने पहुंचे। हालांकि देर दोपहर सभी बीमारों की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई। वहीं इस मामले में प्रशासन पूरी तरह मौन है, जिम्मेदारों ने प्राथमिक जांच तक करने की जहमत नहीं उठाई।
जानकारी के अनुसार शगुन वाटिका में मंगलवार की रात आयोजित एक शादी समारोह में बने पकवान खाने के बाद कई लोग बीमार हो गए। इन मरीजों में से अभिषेक जैन, अनीता गुप्ता, भरोसी लाल गोयल, गीता गुप्ता, भगवती धाकड़, दिलीप गुप्ता, रानी गुप्ता वंदना गोयल, गौरव गुप्ता सहित ५ बच्चों को उल्टी दस्त की परेशानी होने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा कई लोगों ने प्राइवेट हॉस्पिटलों में जाकर अपना इलाज कराया। उपचार के बाद सभी मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
बैराड़ में भी हो चुकी है घटना
खास बात यह है कि इसी तरह का मामला पिछले सीजन में बैराड़ में घटित हुआ था। उस विवाह समारोह में प्रदूषित भोजन खाने के बाद सैकड़ों लोग बीमार हुए थे और उस समय भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। तत्समय भी पुलिस और प्रशासन हमेशा की तरह सिर्फ शिकायत का इंतजार करते रहे। इस बार भी प्रशासन ने आगे आकर कोई कार्रवाई नहीं की।
कहीं कोई कार्रवाई नहीं
दूध के व्यवसाय से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो बाजार में दूध की कमी के चलते शादियों के सीजन में खोआ, पनीर सहित दूध से बनने वाली किसी भी सामग्री की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में सिंथेटिक सामग्री का उपयोग बाजार में किया जा रहा है, यही कारण है कि शादियों के मौसम में हर साल फूड पॉइजनिंग के केस सामने आते हैं। खास बात यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक कहीं कोई कार्रवाई नहीं की है। यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। वहीं आयोजकों को भी सामान खरीदते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह जो सामान खरीद रहे हैं पूरी तरह से शुद्ध हो।
मिठाई की दुकान से हुई सैंपलिंग
शहर की महल कॉलोनी में रहने वाले एमके दुबे ने एक शिकायत कलेक्टर व सीएमएचओ से की थी कि उन्होंने 7 मई को सावरकर पार्क के पास स्थित सेसई मिष्ठान भंडार से मिठाई खरीदी, जिसमें फंगस लगा हुआ था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ ने सैंपलिंग के लिए फूड सेफ्टी ऑफिसर सविता सक्सेना को सेसई वाले के यहां भेजा। जहां से उन्होंने मिठाई का सैंपल लिया। खास बात यह है कि जब सैंपल लेने टीम पहुंची तो दुकानदार ने उस मिठाई को काउंटर से अलग करके पीछे रख दिया, जिसमें फंगस होने की शिकायत दुबे ने की थी। उधर अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति शादी अथवा किसी अन्य समारोह के लिए सामान खरीद रहा है, तो इस बात की पहले से पूरी पुष्टि कर लें कि सामान शुद्ध हो। विशेष रूप से खुले सामान, दूध व दूध से बने पदार्थों के मामले में इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आयोजक जो भी सामान खरीदें उसका पक्का बिल विक्रेताओं से लें ताकि सामान खराब होने पर वह बाद में उन पर क्लेम कर सकें।
करेंगे कार्रवाई
इस तरह के मामलों में केटरिंग वाले पर कार्रवाई की जा सकती है। हम बाजार में सैंपलिंग की कार्रवाई करेंगे ताकि नकली सामग्री की बिक्री न की जा सके। इस तरह के मामले सीएमएचओ के संज्ञान में लाया जाए, ताकि वहां से टीम गठित कर कार्रवाई की जा सके।
सविता सक्सेना, फूड सेफ्टी ऑफिसर
Published on:
09 May 2018 10:04 pm
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