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सीएमएचओ ने अकेले ही कर ली स्वास्थ्य समिति की बैठक, लाखों के बिल किए पास

कलेक्टर और अन्य विभागों के अधिकारियों की गैर मौजूदगी में आशा सहयोगी कार्यकर्ताओं के चयन पर लगाई मोहर  

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शिवपुरी. जिले में स्वास्थ्य महकमा इन दिनों बेलगाम घोड़े की तरह दौड़ा जा रहा है। हालात यह हैं कि यहां सब कुछ नियमों को ताक पर रख कर अंजाम दिया जा रहा है और जिम्मेदार गांधारी की भूमिका में नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य महकमे में हो रहीं अनियमितताओं के क्रम में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कलेक्टर और अन्य विभागों के अधिकारियों की गैर मौजूदगी में जिला स्वास्थ्य समिति की चार महत्वपूर्ण बैठकें लेकर उसमें कई महत्वपूर्ण निर्णयों को हरी झंडी दे दी। नियम विरूद्ध तरीके से न सिर्फ लाखों रुपए के बिल पास कर दिए बल्कि आशा सहयोगी कार्यकर्ताओं के चयन को भी मंजूरी दे दी।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को शाम चार बजे से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की चार महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गई थीं। नियमानुसार जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का अध्यक्ष कलेक्टर होता है, ऐसे में इस बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों पर आखिरी मोहर उसकी या फिर उसके प्रतिनिधि के रूप में एडीएम अथवा डिप्टी कलेक्टर की लगती है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी इस समिति के सदस्य होते हैं और बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों में उनकी भी सहमति अनिवार्य होती है, परंतु सीएमएचओ डॉ एमएस सगर ने इन सभी अधिकारियों की गैर मौजूदगी में लाखों रुपए के बिल नियम विरुद्ध तरीके से पास कर दिए तथा आशा सहयोगी कार्यकर्ताओं के चयन पर भी अंतिम मोहर लगा दी।
सूत्र बताते हैं कि बिल के अनुसार सफाई कर्मियों को ऐसे खातों में सात हजार रूपए वेतन का भुगतान किया गया है जिनका संचालन सफाई कर्मियों द्वारा किया ही नहीं जाता। इन खातों में से ठेकेदार एटीएम के माध्यम से वेतन निकाल कर वास्तविकता में उन्हें सिर्फ तीन हजार रुपए का भुगतान करता है। कुछ आशा सहयोगी कार्यकर्ताओं के चयन में भी घालमेल की बात कही जा रही है। तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय जिला चिकित्सालय की एनआरसी के रिक्त सपोर्ट स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया पर नियम विरूद्ध मोहर लगाई गई है। इस संबंध में जब सीएमएचओ डॉ एमएस सगर को फोन लगाया गया तो उनका फोन सिसीव नहीं हुआ, जबकि वाट्स एप पर उन्हें मैसेज करके उनकी प्रतिक्रिया चाही गई तो उनका कहना था कि इतनी बैठक होती हैं, जिनका कभी कोई जिक्र नहीं होता, मुझे मालूम है मेरे विभाग के लोगों को ज्यादा चिंता है, आप उन्हीं से पूछ लेते हो, बैठक नियमानुसार हुई है, कलेक्टर साहब की गैर मौजूदगी के कारण मैंने समीक्षा की है।


ये अधिकारी रहे बैठक में अनुपस्थित
कलेक्टर, सीएस, जिला जनसंपर्क अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, कार्यपालन यंत्री लोक यांत्रिकी विभाग, उपसंचालक पंचायत विकास, नोडल अधिकारी क्षय, नोडल अधिकारी कुष्ठ, डॉ मोना गुप्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ पीके खरे सर्जिकल विशेषज्ञ, डॉ वीसी गोयल निश्चेतना विशेषज्ञ, डॉ निसार अहमद शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ एसके पुराणिक प्रतिनिधि चिकित्सा प्रकोष्ठ, डॉ एसके वर्मा संचालक वर्मा नर्सिंग होम, आशा डेरा इंचार्ज स्टाफ नर्स मेटरनिटी विंग।

सीसीटीवी कैमरों से हो जाएगा पर्दाफाश
बताया जा रहा है कि इन चारों बैठकों को अब वैधानिक रूप प्रदान करने के लिए सभी अधिकारियों से बैठक की उपस्थिति के साइन कराने के कवायद शुरू कर दी गई है, जबकि कलेक्ट्रेट सभागार के सीसीटीवी कैमरे इन बैठकों की सच्चाई पर से खुद ब खुद पर्दा उठा देंगे।

ये महत्वपूर्ण बैठकें हुईं संपन्न
-जिला स्वास्थ्य समिती (कार्यकारी समिती)
-परिवार कल्याण कार्यक्रम अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन बॉडी की बैठक
-जिला गुणवत्ता सुनिश्चितता समिति की बैठक
-जिला क्वालिटी एश्योरेंस समिति की बैठक

मैं व्यस्त था इसलिए मैंने सीएमएचओ से कहा था कि आप सभी सदस्यों के साथ बैठकर औपचारिक चर्चा कर लेना। बैठक में जब अध्यक्ष ही मौजूद नहीं था तो बैठक कैसे हो सकती है। यह बैठक अध्यक्ष की मौजूदगी में ही होगी। मैं दिखवाता हूं।
तरूण राठी, कलेक्टर शिवपुरी